जम्मू-कश्मीर में कोरोना के आठ नए केस मिले, संक्रमितों की संख्या हुई 278
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। आज यानी कि मंगलवार को आठ नए संक्रमित मिले हैं। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 278 हो गई है। कश्मीर में छह जबकि जम्मू संभाग में दो संक्रमित मिले हैं। इससे पहले सोमवार को 25 संक्रमित पाए गए थे। इसमें से 12 दिल्ली, गुजरात और केरल के धर्म प्रचारक भी शामिल हैं। जिन्हें 27 मार्च को क्वारंटीन किया गया था।
उधर, सोमवार को जम्मू में गढ़ी चिकित्सा केंद्र में कार्यरत संक्रमित महिला डॉक्टर के पति की रिपोर्ट निगेटिव आई। ज्यौड़ियां की प्रसूता के संपर्क में आए अखनूर चिकित्सा केंद्र के एक डॉक्टर और गांधीनगर कोविड अस्पताल में प्रसव के बाद भर्ती महिला के नवजात की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
रूपनगर में गत दिवस संक्रमित आए एक मामले के संपर्क में रहने के कारण बत्रा अस्पताल के दर्जन भर से अधिक स्टाफ के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है। सांबा जिले के सुपवाल के चक राम चंद गांव में कोरोना संक्रमित फौजी के संपर्क में आने वाले पखड़ी गांव को सील कर वहां के 20 परिवारों के 97 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है।
उधर, कोरोना संक्रमित पाई गई पहली दो बहनों के ठीक होने पर सोमवार को श्रीनगर के जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल (जेएलएनएम) से डिस्चार्ज कर दिया गया। जेएलएनएम की नोडल अफसर डॉ. बिलकीस शाह ने बताया कि सात और साढ़े तीन साल की इन दोनों बहनों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें घर भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि उनकी मां की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी बच्चों के साथ रह रही थी। दोनों बहनें श्रीनगर के नटीपोरा इलाके की रहने वाली हैं। उन्हें यह संक्रमण सऊदी अरब से लौटे उनके दादा से हुआ था। यह बुजुर्ग भी उसी फ्लाइट में था जिसमें श्रीनगर के खान्यार इलाके की 65 वर्षीय महिला सफर कर रही थी। यह महिला घाटी की पहली संक्रमित मरीज थी जो इलाज के बाद ठीक हो गई है।
वहीं दोनों छोटी बच्चियों के घर लौटने पर सभी ने खुशी जताई। जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता ने परिवार को धन्यवाद देने के साथ मेडिकल टीम का भी धन्यवाद किया। श्रीनगर के डीसी शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि समय-समय पर की गई सैंपलिंग में निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया।