Coronavirus in Jammu Kashmir: डिग्याना में एक ही परिवार के चार सदस्य संक्रमित, मृतक बुजुर्ग के संपर्क में रहा था परिवार
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जम्मू शहर के डिग्याना कैंप में एक ही परिवार के चार सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें पांच साल की बच्ची, एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के तुरंत बाद डिग्याना कैंप से सभी को आइसोलेट कर दिया गया। यह सभी लोग डिग्याना के प्रीतनगर के उस 72 वर्षीय बुजुर्ग के संपर्क में आए थे, जिसकी मौत हो गई थी। वहीं, क्षेत्र में आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी गई हैं।
प्रीतनगर के बुजुर्ग व्यक्ति की मौत के बाद 22 सैंपल लिए गए थे। इसमें व्यक्ति के परिवार सदस्यों के सैंपल निगेटिव आए थे, लेकिन डिग्याना कैंप के इस परिवार के चार सदस्य कोरोना संक्रमित निकले। यह लोग बुजुर्ग के संपर्क में थे।
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उधर, कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन में कुछ लोग मानवता के रक्षक बनकर सामने आ रहे हैं। यह लोग न तो सरकारी नौकर हैं ना ही नेता। यह शहर के कुछ ऑटो चालक हैं। इन ऑटो चालकों की निस्वार्थ सेवा आज पूरे शहर के लिए प्रेरणास्रोत है। 15 ऑटो चालकों ने एक ग्रुप बनाया है, इसका नाम लॉकडाउन रखा है। ये ऑटो चालक जीएमसी आने वाले जरूरतमंद मरीजों और तीमारदारों को निशुल्क परिवहन सेवा मुहैया कराते हैं।
लॉकडाउन में सार्वजानिक परिवहन सेवा बंद होने से अस्पताल आने और वहां से जाने में लोगों को आ रही परेशानियों को देखते हुए ऑटो चालकों ने मानवता की सेवा के लिए ग्रुप बनाया। इसमे ऑटो चालक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बख्शी नगर में आने वाले मरीज और तीमारदार को निशुल्क परिवहन सेवा दे रहे हैं।
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मरीज को एक अस्पताल से दूसरे में शिफ्ट करना, घरों तक पहुंचाना, तीमारदार को दवाई की दुकान तक भी पहुंचाते हैं। ऑटो चालक विकी कुमार ने कहा कि शहर में लॉकडाउन होने से सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद है। ऐसे में अस्पताल आने वाले लोग सबसे अधिक परेशान होते हैं। आज प्रतिदिन 150 से अधिक लोगों को वह लोग निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं।
कई यात्री देते हैं किराया, उस पैसों से बांटते हैं राशन
ऑटो चालकों ने बताया कि कई यात्री सेवा के बदले पैसे भी देते हैं। इस पैसे से वह ऑटो में तेल डलाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों में राशन बांटते है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर मरीज को खून भी देते हैं।