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जम्मू: बीते साल कोरोना ने छीना था बुढ़ापे का सहारा, आज तक सताती है मासूमों के भविष्य की चिंता
Fri, 04 Jun 2021 01:09 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 04 Jun 2021 01:09 PM IST
सार
कोरोना महामारी ने कई लोगों से अपनों को छीना है। कुछ लोगों पर यह बीमारी कहर बनकर टूटी है। जिनका बुढ़ापे का सहारा छिन गया हो उनके लिए जीवन का संघर्ष और भी कड़ा हो जाता है।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
हीरानगर में दियालाचक के रहने वाले एक व्यक्ति के बेटे को कोरोना ने छीन लिया। इससे उनके लिए मानो दुनिया ही खत्म हो गई हो। कोरोना के कारण बेटे की मौत पिछले साल हुई थी, लेकिन मां-बाप के आंसू अभी तक भी नहीं सूखे हैं।
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अखबार विक्रेता व्यक्ति ने कहा हमारे बुढ़ापे का सहारा भगवान ने हमसे छीन लिया। इससे मैं और मेरी पत्नी पूरी तरह से टूट चुके हैं। पिछले साल कोरोना से बेटे की मौत हो गई थी। दो छोटे-छोटे सात और चार वर्षीय बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया। बेटे के जाने के बाद बहू और बच्चों के भविष्य को लेकर हम बेहद चिंतित हैं। इनके भविष्य की चिंता हमें रात भर सोने नहीं देती है।
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