जम्मू-कश्मीर: कोरोना नियम दरकिनार, जम्मू में 15 दिन में नौ कंटेनमेंट जोन बने, अब तक की 68 मौत
प्रदेश में कोरोना केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते डेढ़ माह में प्रदेश में करीब सात हजार लोग संक्रमित पाए गए हैं और 68 मरीजों की मौत हुई है। श्रीनगर सबसे अधिक प्रभावित है और यहां डेढ़ माह में 2548 संक्रमित मामले मिल चुके हैं, 29 मौतें हुई हैं।
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जम्मू-कश्मीर में कोविड नियमों को दरकिनार करने से संक्रमण बढ़ने के साथ मौतों का ग्राफ बढ़ गया है। जिसके कारण जम्मू शहर में बीते 15 दिन में नौ माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। बीते डेढ़ माह में प्रदेश में करीब सात हजार लोग संक्रमित पाए गए हैं और 68 मरीजों की मौत हुई है। श्रीनगर सबसे अधिक प्रभावित है और यहां डेढ़ माह में 2548 संक्रमित मामले मिल चुके हैं, 29 मौतें हुई हैं। हालांकि रिकवरी दर के 98 फीसदी से ऊपर रहने से अभी राहत है।
विशेषज्ञों के अनुसार कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन न करने से भविष्य में संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। अक्तूबर में संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन नवंबर में सर्दी शुरू होने के साथ संक्रमण मामलों में धीरे धीरे बढ़ोतरी हो रही है। दिसंबर में इसमें तेजी आई है।
इसमें कई दिन 250-300 के बीच संक्रमित मामले मिले हैं। जिला जम्मू में पिछले डेढ़ माह में 565 संक्रमित मामले मिले हैं, लेकिन दिसंबर में जिले में संक्रमित मामलों में उछाल आया है। प्रदेश में अब तक इसी जिले में सर्वाधिक 1154 लोगों की कोविड से मौत हुई है, जबकि पिछले डेढ़ माह में नौ मौतें हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में कुल संक्रमित मामलों पर मृत्युदर 1.32 फीसदी है। केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मृत्यु दर एक फीसदी से नीचे लाने के लिए कहा गया था, लेकिन जम्मू-कश्मीर में कोविड के दौरान अब तक यह एक फीसदी से ऊपर रहा है। वर्तमान में कुल संक्रमित मामलों पर सक्रियता दर 0.42 फीसदी है।
मौजूदा संक्रमित मामले नियंत्रण में हैं, लेकिन कोविड प्रोटोकाल के लगातार उल्लंघन से भविष्य में यह दर बढ़ सकती है। लोगों को कोरोना नियमों का पालन करना होगा। इसी प्रोटोकॉल के तहत बचाव किया जा सकता है। वर्तमान में एक ही जगह पर एक साथ तीन मामले आने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है।
डॉ. जेपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जम्मू