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Jammu News: अस्पतालों में कोरोना अलर्ट, इंफ्लुएंजा संक्रमित मरीजों के होंगे रेपिड व आरटीपीसीआर परीक्षण
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- कोविड चिकित्सा देखभाल की तैयारी, जीएमसी जम्मू में 30 और एमसीएच गांधीनगर में 80 बिस्तर समर्पित
- डॉक्टरों की सलाह - घबराएं नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर जाएं तो मास्क पहनें, सामाजिक दूरी का रखें ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सिंगापुर के बाद भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों में भी अलर्ट जारी किया गया है। अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर, जरूरी दवाएं और ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में बीते सप्ताह 13 से 17 दिसंबर तक मॉर्क ड्रिल भी की गई है। इंफ्लुएंजा संक्रमित मरीजों के रेपिड और आरटीपीसीआर कोविड परीक्षण किए जाएंगे।
जीएमसी जम्मू में 30 और एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में मातृत्व बाल कोविड चिकित्सा देखभाल के लिए 80 बिस्तर समर्पित किए गए हैं। फिलहाल कोविड के नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टरों की सलाह है कि सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय लोग मास्क जरूर पहनें और सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य निदेशकों, प्रिंसिपल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। पिछली कोरोना लहरों के दौरान जीएमसी जम्मू लेवल-1 अस्पताल में रहा और यहीं पर गंभीर मरीजों को इलाज दिया गया। जीएमसी में लेवल-1 पर कोविड समर्पित बिस्तर स्थापित किए गए हैं। इन बिस्तरों पर वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की सुविधा होगी। अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए लिक्विड और गैस ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं।
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जीएमसी जम्मू में इंफ्लुएंजा वायरल संक्रमित मरीजों के 100 प्रतिशत रेपिड और आरटीपीसीआर कोविड परीक्षण किए जाएंगे। हालांकि गंभीर मामलों में यह सुविधा पहले से ही है, लेकिन इसे बढ़ाया जा रहा है। अभी कोरोना संक्रमण का कोई मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है।
डाॅ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल जीएमसी जम्मू
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एमसीएच गांधीनगर के तीसरे फ्लोर पर कोविड बिस्तर स्थापित किए गए हैं। इनमें 25 आईसीयू बिस्तर होंगे और इसी अस्पताल में मुख्य रूप से जच्चा-बच्चा कोविड चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी।
डाॅ. जीएस सैनी, एचओडी, बाल रोग विभाग, एसएमजीएस
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मौजूदा ओमिक्रॉन का जेएन1 वेरिएंट सक्रिय है। इसमें इंफ्लुएंजा संक्रमित मरीजों के 20 प्रतिशत और अस्पताल में भर्ती होने वाले कोविड लक्षण वाले मरीज के सौ प्रतिशत आरटीसीआर परीक्षण करवाने का प्रावधान है।
डाॅ. हरजीत राय, राज्य एपिडेमियोलॉजिस्ट
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क्रिसमस और नए साल के
जश्न पर भीड़ होगी चुनौती
जम्मू में आगामी क्रिसमस और नए साल के जश्न की भीड़ बड़ी चुनौती रहेगी। इन सार्वजनिक त्योहारों और मौकों पर हजारों लोग एक ही जगह जुटते हैं। खासतौर पर पर्यटन स्थलों पर अधिक हुजूम रहता है। जिससे इंफ्लुएंजा संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है। यह वायरल एक-दूसरे के संपर्क में आकर फैलता है और इसमें कोरोना की तरह सभी लक्षण होते हैं। संक्रमण से बचाव के लिए ऐसी सार्वजनिक भीड़ में सामाजिक दूरी और मास्क पहनना जरूरी है।
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कोविड समर्पित वार्ड, परीक्षण प्रयोगशाला
और ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही
एसएमजीएस अस्पताल जम्मू के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. दारा सिंह के अनुसार, कोरोना की तैयारियों को लेकर दिशानिर्देश मिले हैं। इसमें कोविड समर्पित वार्ड, परीक्षण प्रयोगशाला और ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुनिश्चित बनाया जा रहा है। वहीं, जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि कारपोरेशन के पास मौजूदा 60 हजार के करीब कोविड रेपिड किट उपलब्ध हैं और सेनिटाइजर को खरीदने की तैयारी की जा रही है।
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कोविड परीक्षण सुविधाओं
को सक्रिय बनाएं : सचिव
जम्मू। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव भूपेंद्र कुमार ने सभी एचओडी और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं को फिर सक्रिय करने के साथ संशोधित निगरानी रणनीति अपनाने को कहा है। इसमें आईएलआई (इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी) और एसएआरआई (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) मामलों की सावधानीपूर्वक रिपोर्ट दी जाए।
स्वास्थ्य सचिव ने प्रदेश में कोविड की स्थिति, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर के राज्य निगरानी अधिकारियों (एसएसओ) ने स्वास्थ्य संस्थानों में मॉक ड्रिल और एकत्र किए गए आंकड़ों के बारे में जानकारी दी। सभी हितधारकों को परीक्षण, उपचार और संपर्क ट्रेसिंग के लिए लॉजिस्टिक्स के संबंध में अंतर विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए। एमडी जेकेएमएससीएल को परीक्षण किट, दवाओं, पीपीई किट और अन्य जरूरी रसद के लिए समय पर मांग भेजने को कहा गया। सभी एचओडी ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए नियमित रूप से मॉक ड्रिल करें। ब्यूरो
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- डॉक्टरों की सलाह - घबराएं नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर जाएं तो मास्क पहनें, सामाजिक दूरी का रखें ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सिंगापुर के बाद भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों में भी अलर्ट जारी किया गया है। अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर, जरूरी दवाएं और ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में बीते सप्ताह 13 से 17 दिसंबर तक मॉर्क ड्रिल भी की गई है। इंफ्लुएंजा संक्रमित मरीजों के रेपिड और आरटीपीसीआर कोविड परीक्षण किए जाएंगे।
जीएमसी जम्मू में 30 और एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में मातृत्व बाल कोविड चिकित्सा देखभाल के लिए 80 बिस्तर समर्पित किए गए हैं। फिलहाल कोविड के नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टरों की सलाह है कि सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय लोग मास्क जरूर पहनें और सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य निदेशकों, प्रिंसिपल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। पिछली कोरोना लहरों के दौरान जीएमसी जम्मू लेवल-1 अस्पताल में रहा और यहीं पर गंभीर मरीजों को इलाज दिया गया। जीएमसी में लेवल-1 पर कोविड समर्पित बिस्तर स्थापित किए गए हैं। इन बिस्तरों पर वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की सुविधा होगी। अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए लिक्विड और गैस ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं।
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जीएमसी जम्मू में इंफ्लुएंजा वायरल संक्रमित मरीजों के 100 प्रतिशत रेपिड और आरटीपीसीआर कोविड परीक्षण किए जाएंगे। हालांकि गंभीर मामलों में यह सुविधा पहले से ही है, लेकिन इसे बढ़ाया जा रहा है। अभी कोरोना संक्रमण का कोई मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है।
डाॅ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल जीएमसी जम्मू
एमसीएच गांधीनगर के तीसरे फ्लोर पर कोविड बिस्तर स्थापित किए गए हैं। इनमें 25 आईसीयू बिस्तर होंगे और इसी अस्पताल में मुख्य रूप से जच्चा-बच्चा कोविड चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी।
डाॅ. जीएस सैनी, एचओडी, बाल रोग विभाग, एसएमजीएस
मौजूदा ओमिक्रॉन का जेएन1 वेरिएंट सक्रिय है। इसमें इंफ्लुएंजा संक्रमित मरीजों के 20 प्रतिशत और अस्पताल में भर्ती होने वाले कोविड लक्षण वाले मरीज के सौ प्रतिशत आरटीसीआर परीक्षण करवाने का प्रावधान है।
डाॅ. हरजीत राय, राज्य एपिडेमियोलॉजिस्ट
क्रिसमस और नए साल के
जश्न पर भीड़ होगी चुनौती
जम्मू में आगामी क्रिसमस और नए साल के जश्न की भीड़ बड़ी चुनौती रहेगी। इन सार्वजनिक त्योहारों और मौकों पर हजारों लोग एक ही जगह जुटते हैं। खासतौर पर पर्यटन स्थलों पर अधिक हुजूम रहता है। जिससे इंफ्लुएंजा संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है। यह वायरल एक-दूसरे के संपर्क में आकर फैलता है और इसमें कोरोना की तरह सभी लक्षण होते हैं। संक्रमण से बचाव के लिए ऐसी सार्वजनिक भीड़ में सामाजिक दूरी और मास्क पहनना जरूरी है।
कोविड समर्पित वार्ड, परीक्षण प्रयोगशाला
और ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही
एसएमजीएस अस्पताल जम्मू के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. दारा सिंह के अनुसार, कोरोना की तैयारियों को लेकर दिशानिर्देश मिले हैं। इसमें कोविड समर्पित वार्ड, परीक्षण प्रयोगशाला और ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुनिश्चित बनाया जा रहा है। वहीं, जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि कारपोरेशन के पास मौजूदा 60 हजार के करीब कोविड रेपिड किट उपलब्ध हैं और सेनिटाइजर को खरीदने की तैयारी की जा रही है।
कोविड परीक्षण सुविधाओं
को सक्रिय बनाएं : सचिव
जम्मू। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव भूपेंद्र कुमार ने सभी एचओडी और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं को फिर सक्रिय करने के साथ संशोधित निगरानी रणनीति अपनाने को कहा है। इसमें आईएलआई (इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी) और एसएआरआई (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) मामलों की सावधानीपूर्वक रिपोर्ट दी जाए।
स्वास्थ्य सचिव ने प्रदेश में कोविड की स्थिति, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर के राज्य निगरानी अधिकारियों (एसएसओ) ने स्वास्थ्य संस्थानों में मॉक ड्रिल और एकत्र किए गए आंकड़ों के बारे में जानकारी दी। सभी हितधारकों को परीक्षण, उपचार और संपर्क ट्रेसिंग के लिए लॉजिस्टिक्स के संबंध में अंतर विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए। एमडी जेकेएमएससीएल को परीक्षण किट, दवाओं, पीपीई किट और अन्य जरूरी रसद के लिए समय पर मांग भेजने को कहा गया। सभी एचओडी ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए नियमित रूप से मॉक ड्रिल करें। ब्यूरो