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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वैक्सीन की कमी से लोग परेशान
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कोरोना वैक्सीन की कमी से लोग बेहाल हैं। 40 डिग्री की भीषण गर्मी में सैकड़ों लोगों को वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण रोजाना चिकित्सा केंद्रों से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इससे खासतौर पर उम्रदराज और बीमार लोगों की हालत पतली हो रही है।
वैक्सीन की कमी को लेकर जनता के प्रदर्शनों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। प्रदेश में मजबूत चिकित्सा तंत्र के चलते एक माह में 25 लाख लोगों का टीकाकरण करने की क्षमता है, लेकिन सिर्फ 8 से 10 लाख ही वैक्सीन की डोज मिल रही है। इससे जुलाई में भी यह संकट बरकरार रहेगा। एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रदेश को जुलाई के लिए कुल 11 लाख वैक्सीन की डोज मिलना प्रस्तावित है। इसमें तीन लाख डोज निजी चिकित्सा केंद्रों के लिए रखी गई है, लेकिन वर्तमान में गिने चुने निजी केंद्र ही वैक्सीन की सुविधा दे रहे हैं। इससे यहां के निजी संस्थानों की डोज दूसरे राज्यों को दी जाएगी। ऐसे में निजी संस्थानों को निकालकर जम्मू-कश्मीर के लिए जुलाई में 8 लाख वैक्सीन की डोज ही प्रस्तावित है। इसमें गत 1 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के लिए 2 लाख 30 हजार वैक्सीन की डोज भेजी गई। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय से आग्रह पर एक लाख अतिरिक्त डोज मंगवाई गई। इसके बाद अब 15 जुलाई को प्रस्तावित 86000 वैक्सीन की डोज मिलनी है। वीरवार तक प्रदेश में कुछ हजार वैक्सीन की डोज ही उपलब्ध थी। हालांकि, देश भर के अन्य राज्यों की तुलना में वैक्सीन अभियान में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन बेहतर रहा है। हाल ही में प्रदेश में एक ही दिन में 1 लाख 22 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया, इससे पहले 81000 लोगों का भी टीकाकरण एक ही दिन में किया गया था।
एक साथ कई वर्ग में टीकाकरण से लोड बढ़ा
जम्मू-कश्मीर में हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्करों के बाद 45 से अधिक आयु वर्ग (सिटीजन), 18 से अधिक आयु वर्ग में एक साथ टीकाकरण अभियान चलने से चिकित्सा केंद्रों पर लोड बढ़ गया है। प्रदेश में जल्द गर्भवती महिलाओं के लिए भी टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके साथ 45 आयु वर्ग में 84 दिन बाद दूसरी डोज के लिए भी बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें वैक्सीन नहीं मिल रही है।
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45 आयु वर्ग में पहली डोज बंद करने की तैयारी
परिवार कल्याण विभाग जम्मू-कश्मीर के निदेशक डॉ. सलीम उर रहमान का कहना है कि अगले कुछ दिन में प्रदेश में 45 आयु वर्ग में पहली डोज टीकाकरण अभियान को बंद करने की योजना है। इसके बाद उक्त वर्ग में दूसरी डोज और 18 से अधिक आयु वर्ग में ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वैक्सीन की मांग बढ़ी है, लेकिन जरूरत के मुताबिक उसे उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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वैक्सीन की कमी को लेकर जनता के प्रदर्शनों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। प्रदेश में मजबूत चिकित्सा तंत्र के चलते एक माह में 25 लाख लोगों का टीकाकरण करने की क्षमता है, लेकिन सिर्फ 8 से 10 लाख ही वैक्सीन की डोज मिल रही है। इससे जुलाई में भी यह संकट बरकरार रहेगा। एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रदेश को जुलाई के लिए कुल 11 लाख वैक्सीन की डोज मिलना प्रस्तावित है। इसमें तीन लाख डोज निजी चिकित्सा केंद्रों के लिए रखी गई है, लेकिन वर्तमान में गिने चुने निजी केंद्र ही वैक्सीन की सुविधा दे रहे हैं। इससे यहां के निजी संस्थानों की डोज दूसरे राज्यों को दी जाएगी। ऐसे में निजी संस्थानों को निकालकर जम्मू-कश्मीर के लिए जुलाई में 8 लाख वैक्सीन की डोज ही प्रस्तावित है। इसमें गत 1 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के लिए 2 लाख 30 हजार वैक्सीन की डोज भेजी गई। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय से आग्रह पर एक लाख अतिरिक्त डोज मंगवाई गई। इसके बाद अब 15 जुलाई को प्रस्तावित 86000 वैक्सीन की डोज मिलनी है। वीरवार तक प्रदेश में कुछ हजार वैक्सीन की डोज ही उपलब्ध थी। हालांकि, देश भर के अन्य राज्यों की तुलना में वैक्सीन अभियान में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन बेहतर रहा है। हाल ही में प्रदेश में एक ही दिन में 1 लाख 22 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया, इससे पहले 81000 लोगों का भी टीकाकरण एक ही दिन में किया गया था।
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एक साथ कई वर्ग में टीकाकरण से लोड बढ़ा
जम्मू-कश्मीर में हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्करों के बाद 45 से अधिक आयु वर्ग (सिटीजन), 18 से अधिक आयु वर्ग में एक साथ टीकाकरण अभियान चलने से चिकित्सा केंद्रों पर लोड बढ़ गया है। प्रदेश में जल्द गर्भवती महिलाओं के लिए भी टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके साथ 45 आयु वर्ग में 84 दिन बाद दूसरी डोज के लिए भी बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें वैक्सीन नहीं मिल रही है।
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45 आयु वर्ग में पहली डोज बंद करने की तैयारी
परिवार कल्याण विभाग जम्मू-कश्मीर के निदेशक डॉ. सलीम उर रहमान का कहना है कि अगले कुछ दिन में प्रदेश में 45 आयु वर्ग में पहली डोज टीकाकरण अभियान को बंद करने की योजना है। इसके बाद उक्त वर्ग में दूसरी डोज और 18 से अधिक आयु वर्ग में ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वैक्सीन की मांग बढ़ी है, लेकिन जरूरत के मुताबिक उसे उपलब्ध करवाया जा रहा है।