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जम्मू-कश्मीर में कोरोना: बुखार है तो खुद से न लें पैरासीटामॉल, डॉक्टर से लें सलाह

Mon, 17 May 2021 01:00 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Mon, 17 May 2021 01:00 PM IST
सार

पेट की समस्याओं से पीड़ित रोगियों के लिए सुपर एडेड संक्रमण का खतरा नहीं होता।
 

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Corona in Jammu-Kashmir: If you have fever, do not take paracetamol by yourself, consult doctor
paracetamol

विस्तार

जीएमसी श्रीनगर के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. निसार अहमद शाह के अनुसार कोरोना संक्रमित व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की पेट की समस्या भी हो सकती है। यह भी एक प्रकार का लक्षण है। अगर कई दिनों तक अपच, दस्त, पेट दर्द हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर टेस्ट कराना चाहिए। डॉ. निसार के अनुसार पेट की समस्याओं से पीड़ित रोगियों के लिए सुपर एडेड संक्रमण का खतरा नहीं होता।
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चूंकि, अधिकांश डॉक्टर कोविड से संबंधित हल्के लक्षणों के लिए पैरासीटामॉल की सलाह देते हैं, डॉ. निसार ने इस दवाई का सेवन सीमित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक सामान्य व्यक्ति बिना किसी समस्या के प्रतिदिन दो ग्राम (500 मिलीग्राम) चार गोलियां तक ले सकता है, जबकि जिगर की समस्या और गुर्दे की गंभीर समस्या वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ. निसार ने कहा कि पैरासीटामॉल का अधिक उपयोग लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
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वहीं बुजुर्ग रोगियों में गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानियां पैदा कर सकता है। अतिरिक्त स्टेरॉयड बहुत सारे दुष्प्रभाव पैदा करते हैं। डॉक्टर ने सलाह दी कि स्टेरॉयड को कभी भी खुद से नहीं लेना चाहिए। क्योंकि, स्टेरॉयड शरीर की लगभग हर प्रणाली को शामिल करता है, इसलिए इसके प्रभाव ज्यादा होते हैं। डॉक्टर निसार ने कोविड संक्रमण के दौरान कुछ लोगों के स्टेरॉयड लेने के दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया।
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उन्होंने कहा कि गैस्ट्रो-आंत्र प्रणाली में स्टेरॉयड गैस्ट्रिक और ग्रहणी संबंधी अल्सर का कारण बनता है। खासकर अगर दर्द निवारक के साथ इसे लिया जाता है। उन्होंने उन रोगियों के लिए जल्द कोविड टीकाकरण और अतिरिक्त सावधानियों की जरूरत पर जोर दिया, जिन्हें गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिकल परेशानियां हैं। अल्सरेटिव कोलाइटिस, क्रोहन रोग, ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस आदि रोगों के लिए इम्यूनोसप्रेसिव उपचार की आवश्यकता होती है। ऐसे में टीकाकरण ही कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ एकमात्र कवच और हथियार है।
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