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फड उपलवध नही होने पर ग्रामीण क्षेत्र में नही हो रहा विकास
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आरएस पुरा। पंचायती राज को मजवूत बनाए जाने के लिए बीडीसी चुनाव के बाद डीडीसी चुनाव कराए गए। इसके बावजूद दो वर्ष से ग्रामीण विकास विभाग के पास फंड नहीं होने पर ग्रामीण क्षेत्र विकास कार्य नहीं हो रहे। इसके चलते पंचों व सरपंचों में रोष है।
आरएस पुरा वीडीसी चेयरमैन तरसेम शर्मा ने कहा कि वर्ष 2018-19 व 2019-20 में सरपंचों द्वारा विकास कार्य रखे होने पर इसकी राशि उपलब्ध नहीं कराई गई, इसके चलते किसी भी पंचायत में लेनड्रेन का निर्माण नहीं हो पाया। नायब सरपंच सरताज सिंह लाडा ने कह कि तीन वर्ष से मनरेगा योजना के अंतर्गत कराए विकास कार्यों को ग्रामीण विकास ने भुगतान नहीं किया है। सरपंच गुरदीप सिंह सैनी ने कहा कि वीडीसी ब्लाक अध्यक्ष के पास फंड नहीं होने पर कैसे ग्रामीण क्षेत्र में विकास होगा। सरपंच अंजूरानी ने कहा कि तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया उन्हें अभी तक राशि नहीं मिल पाई। कई पंचायतों में आवास के लिए फंड नहीं मिलने पर मकान गिरने पर लोगों को जान तक गवानी पड़ी। इसके बावजूद सरकार की ओर से राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
सरपंच जंग बहादुर ने कहा कि हालत यह है कि सरकार द्वारा सरपंचों व पंचों को छह माह से तय किया मानदेय नहीं मिल पाया। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं लोगों को मुहैया कराए जाने की घोषणाएं की जाती हैं जमीनी स्तर पर ऐसा नहीं। सरपंच राजा सिंह का कहना है कि आखिर कब तक इसी प्रकार चलता रहेगा।
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खारिया पंचायत के सरपंच पवन रैणा ने कहा कि वह तीसरी बार सरपंच बने हैं लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार बनने पर पहले वीडीसी के चुनाव के बाद डीडीसी के चुनाव पर इसके बावजूद भी कोई विकास ग्रामीण क्षेत्र में नही हो रहा। सरपंच गुरदयाल सिंह मजोत्रा का कहना है कि उनकी पंचायत में पहले बैक टू विलेज की राशि को 14 एफसी में डाल मुहैया कराई गई थी। बैक टू विलेज दो और तीन की राशि अभी तक उपलब्ध नहीं होने पर रखाए कार्य नहीं हो पाए।
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ब्लाक में 800 लोगों के प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सूची बनाई गई। लेकिन फंड उपलब्ध नहीं हो पाया। इसी प्रकार 14 व 15 एफसी की राशि भी नहीं मिली। राशि उपलब्ध होने पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कराए जाएंगे।
-अनुराधा ठाकुर, खंड विकास अधिकारी, आरएस पुरा
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आरएस पुरा वीडीसी चेयरमैन तरसेम शर्मा ने कहा कि वर्ष 2018-19 व 2019-20 में सरपंचों द्वारा विकास कार्य रखे होने पर इसकी राशि उपलब्ध नहीं कराई गई, इसके चलते किसी भी पंचायत में लेनड्रेन का निर्माण नहीं हो पाया। नायब सरपंच सरताज सिंह लाडा ने कह कि तीन वर्ष से मनरेगा योजना के अंतर्गत कराए विकास कार्यों को ग्रामीण विकास ने भुगतान नहीं किया है। सरपंच गुरदीप सिंह सैनी ने कहा कि वीडीसी ब्लाक अध्यक्ष के पास फंड नहीं होने पर कैसे ग्रामीण क्षेत्र में विकास होगा। सरपंच अंजूरानी ने कहा कि तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया उन्हें अभी तक राशि नहीं मिल पाई। कई पंचायतों में आवास के लिए फंड नहीं मिलने पर मकान गिरने पर लोगों को जान तक गवानी पड़ी। इसके बावजूद सरकार की ओर से राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
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सरपंच जंग बहादुर ने कहा कि हालत यह है कि सरकार द्वारा सरपंचों व पंचों को छह माह से तय किया मानदेय नहीं मिल पाया। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं लोगों को मुहैया कराए जाने की घोषणाएं की जाती हैं जमीनी स्तर पर ऐसा नहीं। सरपंच राजा सिंह का कहना है कि आखिर कब तक इसी प्रकार चलता रहेगा।
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खारिया पंचायत के सरपंच पवन रैणा ने कहा कि वह तीसरी बार सरपंच बने हैं लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार बनने पर पहले वीडीसी के चुनाव के बाद डीडीसी के चुनाव पर इसके बावजूद भी कोई विकास ग्रामीण क्षेत्र में नही हो रहा। सरपंच गुरदयाल सिंह मजोत्रा का कहना है कि उनकी पंचायत में पहले बैक टू विलेज की राशि को 14 एफसी में डाल मुहैया कराई गई थी। बैक टू विलेज दो और तीन की राशि अभी तक उपलब्ध नहीं होने पर रखाए कार्य नहीं हो पाए।
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ब्लाक में 800 लोगों के प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सूची बनाई गई। लेकिन फंड उपलब्ध नहीं हो पाया। इसी प्रकार 14 व 15 एफसी की राशि भी नहीं मिली। राशि उपलब्ध होने पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कराए जाएंगे।
-अनुराधा ठाकुर, खंड विकास अधिकारी, आरएस पुरा