फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   conspiracy in kashmir valley ahead of amarnath yatra

कश्मीर में अमरनाथ यात्रा से पहले हिंसा की साजिश, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

Tue, 18 Apr 2017 02:37 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 18 Apr 2017 02:37 PM IST
विज्ञापन
conspiracy in kashmir valley ahead of amarnath yatra
घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : File Photo

श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले माहौल खराब करने की साजिश शुरू हो गई है। 2008 में अमरनाथ भूमि विवाद के बाद से कश्मीर में हिंसा को एक ट्रेंड बना लिया गया है। हर साल यात्रा और पर्यटन का पीक सीजन शुरू होने से पहले हिंसा शुरू हो जाती है। 

विज्ञापन


अमरनाथ यात्रा और पर्यटन सीजन से कश्मीर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और लगातार आठ साल से इस स्थिति को कमजोर किया जा रहा है। अभी यात्रा शुरू नहीं हुई और हिंसा से संबंधित वीडियो बनाकर सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपलोड किए जा रहे हैं। कश्मीर में उपचुनाव के दौरान इंटरनेट बंद होने के बाद लगातार तीन वीडियो अपलोड किए गए।
विज्ञापन


इसमें एक वीडियो में सेना को गोली चलाते हुए दिखाया गया। दूसरे में एक युवक को गाड़ी के आगे बिठाकर चलते हुए दिखाया गया तो तीसरे में जवानों के साथ पत्थरबाजों की मारपीट करने की घटना दिखाई गई। जानबूझकर घाटी में इस तरह के हालात सामने लाए जा रहे हैं ताकि पूरे देश में संदेश जाए कि कश्मीर में हिंसा है। पर्यटक और अमरनाथ यात्री कश्मीर में न आएं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2009 से शुरू हुआ सिलसिला

conspiracy in kashmir valley ahead of amarnath yatra
घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : File Photo

वैसे तो 2008 से ही अमरनाथ यात्रा को लेकर विवाद चल रहा है, लेकिन 2009 के बाद हिंसा को रूटीन बना लिया गया है। 2009 में शोपियां में दो महिलाओं का रेप के बाद हत्या करने के मामले से कश्मीर में हिंसा रही। इसके बाद 2010 में फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हिंसा हुई।

2011, 2012, 2013 में भी स्थानीय युवकों को आजादी के नाम पर हिंसा के लिए उकसाया गया। 2014 में बाढ़ की वजह से यात्रा प्रभावित रही। 2015 में भी युवकों को उकसाया गया। 2016 में बुरहान वानी की मौत के बाद हिंसा भड़की। इस साल फिर से हिंसा भड़काई गई है। 

कश्मीर में हिंसा से संबंधी कई वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक साइबर सेल यह नहीं पता लगा पाया कि यह वीडियो कौन और कहां से अपलोड कर रहा है। यह भी एक बड़ा कारण है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed