रिफ्यूजियों के चक्कर में नहीं हुई कैबिनेट बैठक
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कांग्रेस मंत्रियों द्वारा पीओके रिफ्यूजियों के पैकेज पर राज्य कैबिनेट बहिष्कार के बाद दूसरी कैबिनेट बैठक पिछले 15 दिन में नहीं हुई।
इस मुद्दे पर साझा सरकार के प्रमुख घटक दल नेकां से सहमति नहीं बनने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज के निवास पर कांग्रेस मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस के सभी कैबिनेट और राज्य मंत्री मौजूद थे।
दो घंटे तक चली बैठक में फैसला लिया गया कि कांग्रेस पीओके रिफ्यूजियों के पुनर्वास संबंधी पैकेज पर कोई समझौता नहीं करेगी।
रिफ्यूजी रियासत के स्थायी बाशिंदे
सूत्रों का कहना है कि बैठक में यह भी रणनीति बनी कि अगली कैबिनेट बैठक से पूर्व साझा सरकार की समन्वय समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो। कांग्रेस का तर्क है कि पीओके रिफ्यूजी रियासत के स्थायी बाशिंदे हैं।
लिहाजा उनके लिए पैकेज संबंधी प्रस्ताव को मंजूर करने अथवा इसकी सिफारिश केंद्र सरकार से करने में नेकां को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि जल्द ही प्रो. सोज की अध्यक्षता वाली साझा सरकार की समन्वय समिति की बैठक में सहमति बनाने का प्रयास होगा।
खास बात यह है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश की प्रभारी अंबिका सोनी ने भी पाटी मंत्रियों को इस मुद्दे पर सख्त रुख अख्तियार करने की हिदायत दी है।
रिफ्यूजी पैकेज में कोई बदलाव नहीं चलेगा
सूत्रों का कहना है कि नेकां पहले कुछ आला अफसरों के तबादलों और पदोन्नतियों के अलावा नई प्रशासनिक इकाइयों में अफसरों की नियुक्तियों की पक्षधर है। इसके बाद नेकां रिफ्यूजियों के पैकेज संबंधी एजेंडे को कैबिनेट में चाहती है।
पीओके रिफ्यूजियों की अंतरराष्ट्रीय संस्था एसओएस के चेयरमैन राजीव चुनी ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव इकबाल खांडे और कांग्रेस मंत्रियों से भी मुलाकात कर तुरंत पैकेज को मंजूर करने की मांग की है।
गौरतलब है कि कैबिनेट की पिछली बैठक में उप मुख्यमंत्री तारा चंद, आवास मंत्री रमण भल्ला और पीएचई मंत्री शाम शर्मा ने पीओके रिफ्यूजियों के पैकेज संबंधी प्रस्ताव को नेकां मंत्रियों द्वारा नामंजूर किए जाने पर बहिष्कार कर दिया था।
बाद में मुख्यमंत्री के आश्वासन पर कि कैबिनेट की अगली बैठक में इस पर फैसला ले लिय जाएगा, तीनों कांग्रेस मंत्री दोबारा कैबिनेट की बैठक में वापस आ गए थे।