फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Congress struggling to get statehood back to Jammu and Kashmir: Ghulam Nabi Azad

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने को कांग्रेस संघर्षरत: गुलाम नबी आजाद

Fri, 17 Jan 2020 08:45 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Fri, 17 Jan 2020 08:45 PM IST
सार

  • अनुच्छेद 370 को जबरदस्ती से खत्म किया गया 
  • सभी विपक्षी दलों के नेताओं को किया जाए रिहा 

विज्ञापन
Congress struggling to get statehood back to Jammu and Kashmir: Ghulam Nabi Azad
गुलाम नबी आजाद पहुंचे जम्मू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग कभी केंद्र शासित प्रदेश नहीं चाहते थे। मैं स्थानीय नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे कहें कि उन्हें राज्य का दर्जा नहीं चाहिए। दुनिया के इतिहास में जर्मनी के बाद शायद भाजपा की हठधर्मी से जम्मू-कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला ले लिया गया। 
विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को जबरदस्ती से खत्म किया गया। गृहमंत्री ने लोकतंत्र के विपरीत यह फैसला लिया। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करवाने, भूमि अधिकार, स्थानीय युवाओं के नौकरियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी। 
विज्ञापन


जम्मू के दो दिवसीय दौरे पर आए आजाद ने जम्मू-कश्मीर मामलों की प्रभारी अंबिका सोनी के साथ शुक्रवार सुबह दस बसे से शाम तीन बजे तक प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारी समिति के साथ मैराथन बैठक कर प्रदेश के राजनीतिक परिृदश्य, सुरक्षा हालात, पार्टी को मजबूत बनाने आदि मुद्दों पर चर्चा की। भाजपा की केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए आजाद ने कहा कि गलत फैसले से जम्मू-कश्मीर को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार की गलत नीतियों से पिछले पांच माह से हो रही परेशानियों पर बीस जिलों के प्रतिनिधियों से विस्तार से बात की गई है। शिक्षा, पर्यटन, उद्योग, संचार, ट्रांसपोर्ट आदि क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। जम्मू-कश्मीर और उत्तर पूर्वी राज्यो की समस्याएं अलग हैं। 

जम्मू-कश्मीर को समझने के लिए भाजपा नेतृत्व को पांच जन्म लेने होंगे। सरकार बताए कि किस जुर्म में सैकड़ों नेताओं को महीनों से गिरफ्तार और नजरबंद किया गया है। यह इमरजेंसी की तरह है। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां बहाल की जाएं। जम्मू-कश्मीर को लेकर देश दुनिया को गुमराह किया जा रहा है। 

इंटरनेट पर सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह किया गया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आगामी 36 केंद्रीय मंत्रियों के दौरे को धोखा करार दिया। बैक टू विलेज में लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। भाजपा नेतृत्व के ही प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर, रमण भल्ला, तारा चंद, मदन लाल आदि वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 

कार्यकारी समिति में पारित प्रस्ताव की मांगें

  • जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाना, 
  • स्थानीय लोगों को भूमि, नौकरियों के अधिकार सुरक्षित रखने
  • सभी विपक्षी दलों के नेताओं को रिहा किया जाए 
  • राजनीतिक गतिविधियां बहाल करने के लिए प्रमुख नेताओं पर पाबंदियां हटाना
  • बारिश से खासतौर पर धान की बरबाद हुई फसल का मुआवजा देना
  • अगस्त 2019 में सरकार के ऐलान के मुताबिक नौकरियों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करना
  • विभिन्न विभागों में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों के साथ किए वादों को पूरा करना
  • बार्डर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पांच मरला प्लाट देना
  • 1947, 1965, 1971 के रिफ्यूजियों को पर्याप्त अनुग्रह राशि जारी करना 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed