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विधानसभा सत्र में महबूबा सरकार को घेरेगी कांग्रेस
ब्यूरो, अमर उमाला/जम्मू
Updated Sun, 01 Jan 2017 10:25 PM IST
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पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और अन्य
- फोटो : AMAR UJALA
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विधानसभा सत्र से पूर्व कांग्रेस ने रविवार को अपने इरादे साफ कर दिए। प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में कांग्रेस ने पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार को हर क्षेत्र में पूरी तरह से नाकाम बताया और उसकी नाकामियों को विधानसभा व विधान परिषद के सत्र में पूरी ताकत से उजागर करने का फैसला लिया।
विधायक दल की बैठक के बाद प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर और विधायक दल के नेता नवांग रिगझिन जोरा के अन्य विधायकों की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता में कहा कि मई 2016 में श्रीनगर में हुए सत्र में राज्यपाल एनएन वोहरा का अभिभाषण हुआ था। उसके बाद दो जनवरी 2017 को राज्यपाल का अभिभाषण होना है। इस अवधि के दौरान रियासत में सरकार कहीं दिखी नहीं।
ऐसे में राज्यपाल अभिभाषण के दौरान भी कांग्रेस के विधायक सरकार की नाकामी को दर्शा सकते है। मीर ने कहा पीडीपी-भाजपा गठबंधन वैचारिक मतभेदों के बावजूद केवल सत्ता के लिए बना हुआ है। एक पार्टी कुछ कहती हैं तो दूसरी कुछ। इससे रियासत में विकास कम विवाद ज्यादा हुए हैं। दो साल से चल रही यह सरकार ज्यादातर समय जमीन पर दिखी ही नहीं। कश्मीर में नौ जुलाई के बाद रहे हालात व सौ से ज्यादा लोगों की मौतें हुईं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने 80 हजार करोड़ के पैकेज का एलान किया, लेकिन इस पैकेज से कहीं कोई नया काम शुरू नहीं हुआ। जो काम चल रहे हैं, वे कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए थे। वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को नागरिकता या पहचान पत्र पर सरकार अपने इरादे साफ करे।
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विधायक दल की बैठक के बाद प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर और विधायक दल के नेता नवांग रिगझिन जोरा के अन्य विधायकों की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता में कहा कि मई 2016 में श्रीनगर में हुए सत्र में राज्यपाल एनएन वोहरा का अभिभाषण हुआ था। उसके बाद दो जनवरी 2017 को राज्यपाल का अभिभाषण होना है। इस अवधि के दौरान रियासत में सरकार कहीं दिखी नहीं।
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ऐसे में राज्यपाल अभिभाषण के दौरान भी कांग्रेस के विधायक सरकार की नाकामी को दर्शा सकते है। मीर ने कहा पीडीपी-भाजपा गठबंधन वैचारिक मतभेदों के बावजूद केवल सत्ता के लिए बना हुआ है। एक पार्टी कुछ कहती हैं तो दूसरी कुछ। इससे रियासत में विकास कम विवाद ज्यादा हुए हैं। दो साल से चल रही यह सरकार ज्यादातर समय जमीन पर दिखी ही नहीं। कश्मीर में नौ जुलाई के बाद रहे हालात व सौ से ज्यादा लोगों की मौतें हुईं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने 80 हजार करोड़ के पैकेज का एलान किया, लेकिन इस पैकेज से कहीं कोई नया काम शुरू नहीं हुआ। जो काम चल रहे हैं, वे कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए थे। वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को नागरिकता या पहचान पत्र पर सरकार अपने इरादे साफ करे।
'महबूबा सरकार ने पंचायतों को किया कमजोर'
विधानसभा में हंगामा
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया स्पष्ट होने के बाद कांग्रेस इस बाबत अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा मुलाजिम और अस्थायी कर्मी सड़कों पर हैं। राशन नहीं मिल रहा। बिजली का संकट है। पंचायतों को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा की पार्टी सेल्फ रूल का राग अलापती है, लेकिन पंचायतों को इन्होंने कमजोर करने का काम किया है।
नोटबंदी से रियासत के लोगों को भारी परेशानी हुई। इसको भी कांग्रेस दर्शाएगी। भाजपा मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां के शहीद सैनिकों को सरकार अनुदान सहायता नहीं देती। एक सवाल के जवाब में मीर ने कहा विपक्षी दल भी सदन में एक स्वर में बात करेंगे, हालांकि जिन मुद्दों पर विपक्षी दलों की राय अलग अलग है। उसमें पार्टी स्तर पर बात की जाएगी।
बैठक में विधानसभा में उप नेता एजाज अहमद खान, चीफ व्हिप विकार रसूल, जीएम सरूरी, हाजी रशीद, उस्मान मजीद, जहांगीर मीर, जीएन मोंगा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पीरजादा मोहम्मद सईद, पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान किदवई, उपाध्यक्ष रमण भल्ला, मूलाराम, मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
नोटबंदी से रियासत के लोगों को भारी परेशानी हुई। इसको भी कांग्रेस दर्शाएगी। भाजपा मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां के शहीद सैनिकों को सरकार अनुदान सहायता नहीं देती। एक सवाल के जवाब में मीर ने कहा विपक्षी दल भी सदन में एक स्वर में बात करेंगे, हालांकि जिन मुद्दों पर विपक्षी दलों की राय अलग अलग है। उसमें पार्टी स्तर पर बात की जाएगी।
बैठक में विधानसभा में उप नेता एजाज अहमद खान, चीफ व्हिप विकार रसूल, जीएम सरूरी, हाजी रशीद, उस्मान मजीद, जहांगीर मीर, जीएन मोंगा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पीरजादा मोहम्मद सईद, पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान किदवई, उपाध्यक्ष रमण भल्ला, मूलाराम, मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।