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डोडा के बोलियां गांव में तार बंदी करने पर लोगों में रोष
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जम्मू/डोडा। चिराला तहसील के बोलियां गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर वन विभाग नर्सरी लगा रहा है। दो दिनों से खंभे व तार मंगाए जा रहे है। लेकिन, नर्सरी लगाने पर बोलियां वासियों के ऐतराज है।
लोगों का कहना है कि लम्मा रड़ से तारनरीचिव क्षेत्र तक विभाग तार बंदी कर रहा है। मवेशियों के लिए पीने के पानी का रास्ता इसी क्षेत्र से गुजरता है। गांव वासी उस क्षेत्र में रात को भेड़ बकरियां रखते हैं। तकरीबन चार हजार से ज्यादा मवेशियों के मुंह पर विभाग लगाम लगा रहा है। हालांकि, बुधवार को गांववासियों ने विभाग के कर्मचारियों से बातचीत भी की थी कि गांव के वन क्षेत्र में पहले से ही मवेशियों के चरने व रहने के लिए जगह कम है।
उन्होंने बताया कि त्रेय नाले के उस ओर विभाग ने तार बंदी करने का फैसला लिया था। लेकिन, रात को ठेकेदार ने विवादित क्षेत्र में ही खंभे लगवाए। गांव के चरवाल प्यार सिंह का कहना है कि नायब सरपंच और गांव के नंबरदार की अगुवाई में लोगों ने विभाग के कर्मचारियों से बात की थी। विभाग ने मवेशियों को ध्यान में रखते हुए तार बंदी स्थान बदल दिया था। अब स्थानीय निवासियों को धमकाया जा रहा है। अगर विभाग ने त्रेय नाला से इस ओर नर्सरी लगाई तो पूरा गांव डोडा डीसी के पास पहुंचेगा।
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चरवाल घंसार सिंह का कहना है कि इस क्षेत्र में तार बंदी होने के बाद मवेशी को बेचना पड़ेगा। नर्सरी बनने के बाद चराने और रात को उन्हें रखने के लिए जगह ही नहीं बचेगी। विभाग लोगों की बात को नजरंदाज कर रहा है। अन्य गांववासियों का कहना है कि लमा रड़ से तारनरीचिव तक तार बंदी होने से आम लोग परेशान हो रहे हैं। गांव के चरवालों ने उपराज्यपाल और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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गांव बोलियां से कई लोगों ने तार बंदी से संबंधित फोन किए हैं। इसकी वजह से स्थानीयों को मवेशी चराने में परेशानी हो सकती है। ठाठरी रेंज अफसर को मौके का जायजा लेने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को वह लोगों की समस्याएं सुनेंगे। उनके साथ पूरा न्याय किया जाएगा।
- चंद्रशेखर, डीएफओ, भद्रवाह
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लोगों का कहना है कि लम्मा रड़ से तारनरीचिव क्षेत्र तक विभाग तार बंदी कर रहा है। मवेशियों के लिए पीने के पानी का रास्ता इसी क्षेत्र से गुजरता है। गांव वासी उस क्षेत्र में रात को भेड़ बकरियां रखते हैं। तकरीबन चार हजार से ज्यादा मवेशियों के मुंह पर विभाग लगाम लगा रहा है। हालांकि, बुधवार को गांववासियों ने विभाग के कर्मचारियों से बातचीत भी की थी कि गांव के वन क्षेत्र में पहले से ही मवेशियों के चरने व रहने के लिए जगह कम है।
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उन्होंने बताया कि त्रेय नाले के उस ओर विभाग ने तार बंदी करने का फैसला लिया था। लेकिन, रात को ठेकेदार ने विवादित क्षेत्र में ही खंभे लगवाए। गांव के चरवाल प्यार सिंह का कहना है कि नायब सरपंच और गांव के नंबरदार की अगुवाई में लोगों ने विभाग के कर्मचारियों से बात की थी। विभाग ने मवेशियों को ध्यान में रखते हुए तार बंदी स्थान बदल दिया था। अब स्थानीय निवासियों को धमकाया जा रहा है। अगर विभाग ने त्रेय नाला से इस ओर नर्सरी लगाई तो पूरा गांव डोडा डीसी के पास पहुंचेगा।
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चरवाल घंसार सिंह का कहना है कि इस क्षेत्र में तार बंदी होने के बाद मवेशी को बेचना पड़ेगा। नर्सरी बनने के बाद चराने और रात को उन्हें रखने के लिए जगह ही नहीं बचेगी। विभाग लोगों की बात को नजरंदाज कर रहा है। अन्य गांववासियों का कहना है कि लमा रड़ से तारनरीचिव तक तार बंदी होने से आम लोग परेशान हो रहे हैं। गांव के चरवालों ने उपराज्यपाल और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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गांव बोलियां से कई लोगों ने तार बंदी से संबंधित फोन किए हैं। इसकी वजह से स्थानीयों को मवेशी चराने में परेशानी हो सकती है। ठाठरी रेंज अफसर को मौके का जायजा लेने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को वह लोगों की समस्याएं सुनेंगे। उनके साथ पूरा न्याय किया जाएगा।
- चंद्रशेखर, डीएफओ, भद्रवाह