फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Complaints against a dozen municipal councilors of jammu

जम्मू नगर निगम के एक दर्जन पार्षदों के खिलाफ शिकायतें, अब कार्रवाई की तलवार

Sat, 07 Dec 2019 02:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा सतीश वालिया, जम्मू
सतीश वालिया, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 07 Dec 2019 02:55 AM IST
विज्ञापन
Complaints against a dozen municipal councilors of jammu
जम्मू नगर निगम - फोटो : सोशल मीडिया

नगर निगम जम्मू में एक दर्जन से ज्यादा पार्षदों ने अपने परिवार सदस्यों को ही विकास कार्यों के ठेके दे दिए हैं। किसी पार्षद की पत्नी के नाम काम का ठेका जारी हुआ है तो किसी के अन्य रिश्तेदार को काम पर लगा दिया है। 

विज्ञापन


एक पार्षद के नाम तो संबंधित वार्ड की सफाई का ठेका ही जारी हो गया है। नगर निगम के पास दर्जन भर शिकायतों की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि से पार्षदों की सदस्यता पर तलवार लटक गई है। वहीं, नियमों को ताक पर रखकर ठेके जारी करने के मामले में नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है। नगर निगम आयुक्त कार्यालय इन मामलों की जांच में जुट गया है। 
विज्ञापन


म्यूनिसिपल एक्ट 2000 के प्रावधानों के अनुसार कोई भी पार्षद न तो खुद और ना ही अपने किसी रिश्तेदार को निर्माण ठेके दिला सकते हैं। जम्मू नगर निगम आयुक्त कार्यालय में एक दर्जन से ज्यादा शिकायतों में पार्षदों पर खुद के नाम या फिर रिश्तेदारों के नाम ठेके जारी करवाने के आरोप हैं। धड़ाधड़ हुई शिकायतों से हड़कंप मच गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया कि नगर निगम के पास एक के बाद एक दर्जन भर से ज्यादा शिकायतें पहुंची हैं। इसमें पार्षदों को अपने नाम या फिर रिश्तेदारों के नाम ठेके जारी करवाने की बात कही गई है। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं। शिकायतों की जांच पूरी होने पर पार्षदों पर एक्ट के प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई भी हो सकती है। पार्षदों के अलावा वो अधिकारी भी नप सकते हैं जो नियमों को ताक पर रखकर ठेका आवंटन के लिए जिम्मेदार हैं। 

ठेका आवंटन से पहले नहीं की गई जांच
सूत्रों ने बताया कि काम के लिए ठेका देने से पहले एमसी अधिकारियों ने भी ठेकेदारों के पतों की जांच नहीं की है। शिकायतों में कहा गया है कि अधिकारियों ने विभिन्न कार्यों के ठेके जारी करने से पहले दस्तावेजों की जांच और नाम पतों की ठीक से पड़ताल नहीं की। ऐसे में उनकी मिलीभगत प्रतीत होती है।

नगर निगम एक्ट 2000 के नियमों के अनुसार पार्षद खुद या फिर रिश्तेदार के नाम पर ठेका नहीं ले सकते हैं। नियमों की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, जिसे सुनिश्चित किया जाएगा।

- पंकज मंगोत्रा, आयुक्त नगर निगम 

पार्षद के सगे संबंधी के नाम ठेके जारी नहीं हो सकते। निगम के दायरे में यदि ऐसा हुआ है तो म्यूनिसिपल एक्ट में कार्रवाई के प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई होगी
- पूर्णिमा शर्मा, डिप्टी मेयर नगर निगम जम्मू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed