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जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी व परिवहन आयुक्त डॉ. वैद समेत पांच के खिलाफ सेक्सटॉर्शन की शिकायत
Fri, 05 Jul 2019 01:31 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 05 Jul 2019 01:31 AM IST
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परिवहन आयुक्त डॉ. एस पी वैद
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
परिवहन विभाग में कार्यरत एक महिला क्लर्क ने परिवहन आयुक्त डॉ. एस पी वैद, सहायक परिवहन आयुक्त स्वर्ण सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ सेक्सटार्शन की शिकायत दर्ज करायी है। गुरुवार को जम्मू के ड्यूटी कोर्ट में जिन पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है उनमें तीन महिलाएं (उधमपुर की एआरटीओ रचना शर्मा, जम्मू फ्लाइंग स्कवायड की एआरटीओ रेहाना तबस्सुम और एआरटीओ रुपाली शर्मा) भी शामिल हैं।
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पीड़ित महिला की ओर से शिकायत दर्ज कराने वाले एडवोकेट एके साहनी ने बताया कि उक्त महिला क्लर्क जहां काम करती है वहां उसे परेशानी हो रही थी उसने अपने एक सहयोगी चंद्र मोहन शर्मा (जो बोर्ड आफ इंस्पेक्शन में हैं) से कहा कि उसे कहीं और काम करना है। इस पर चंद्र मोहन ने कहा कि उसको बस वैद साहब के पास जाना होगा।
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एडवोकेट साहनी का कहना है कि विभाग में महिला अफसरों की एक कमेटी भी होती है। जिसे महिला कर्मी की शिकायत सुननी होती है, लेकिन महिला की शिकायत को लेकर कमेटी ने गंभीरता नहीं दिखाई। कानून कहता है कि कमेटी को 90 दिन में जांच करनी होती है, लेकिन कमेटी ने 10 दिन में जांच कर दी। इस कमेटी में तीनों महिला एआरटीओ शामिल थीं। कुल मिलाकर एक महिला क्लर्क का काम करने के लिए उसे बड़े अफसरों के साथ अनैतिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया। इसे सेक्सटार्शन कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला के बयान धारा 161 के तहत दर्ज किए गए हैं।
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जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि इन लोगों के खिलाफ जांच हो। धारा 166 के तहत दोषियों को सजा हो और इनके खिलाफ पीओएसएच एक्ट 2013 में 120 बी, 109 आरपीसी के तहत केस दर्ज हो।
क्या होता है सेक्सटॉर्शन
किसी कार्यस्थल पर महिला सहयोगी की शिकायत का निवारण करने के लिए उससे अनैतिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालना सेक्सटॉर्शन की श्रेणी में आता है।