देश भर में खाने की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए होगी स्पर्धा, होंगी ये गतिविधियां
देशव्यापी स्तर पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों के बीच स्वच्छता को लेकर चलाए गए अभियान के बाद अब साफ सुथरे और अच्छे खाने को लेकर स्पर्धा शुरू की जा रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) देश के 150 शहरों और जिलों के बीच ईट राइट चैलेंज स्पर्धा शुरू करवाने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के आठ जिलों को नामित किया गया है। इसमें जम्मू और कश्मीर संभाग से चार-चार जिले लिए गए हैं। इन जिलों में खाने की गुणवत्ता, सुरक्षा, साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग आदि मानकों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर संबंधित जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहर और जिलों को मौका दिया जाएगा। प्रदेश में जम्मू संभाग के जम्मू, रियासी, डोडा, राजोरी और कश्मीर संभाग के श्रीनगर, बारामुला, पुलवामा और अनंतनाग जिले लिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट की देखरेख में जिला प्रशासन और फूड व ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से स्पर्धा में विभिन्न मापदंडों पर गतिविधियां होंगी। इसके आधार पर उन्हें अंक दिए जाएंगे। स्पर्धा में शामिल होने वाले शहरों और जिलों को 31 मार्च 2021 तक का समय दिया जाएगा। चयनित हर जिले और शहर को गतिविधियों के लिए केंद्र की ओर से प्रत्येक को 5-5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
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ये गतिविधियां होंगी
- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत होटल, रेस्त्रा, डेयरी, खाद्य सामग्री के रिटेल कारोबारी आदि के रजिस्ट्रेशन बढ़ाने पर नंबर मिलेंगे
- लाइसेंसिंग, निगरानी और खाद्य सामग्री के सैंपल लेने की गतिविधियों को स्पर्धा में शामिल किया गया है
- उपभोक्ताओं में स्वच्छ और सुरक्षित खाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे
- मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से खाद्य पदार्थों की जांच होगी
- दक्षता बढ़ाने के लिए होटल, रेस्त्रां सहित आटा दाल आदि खाद्य सामग्री के व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा
- फूड कारोबारियों के लिए बी हाइजिन रेटिंग रखी जाएगी
- खाने की स्वच्छता और शुद्धता का प्रचार प्रसार किया जाएगा
ईट राइट चैलेंज में चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जिलों को शामिल किया जाएगा। इसमें दूरदराज क्षेत्रों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से मौके पर खाद्य पदार्थों की सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस स्पर्धा का मुख्य उद्देश्य उत्पादन इकाई से लेकर होलसेल, रिटेल और उपभोक्ता तक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा, स्वच्छता सहित अन्य मानकों को परखा जाएगा। -शकील उर रहमान, आयुक्त फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन