शहीद लांस नायक के नाम पर आर्मी गुडविल स्कूल, रणबीर सिंह बोले- कश्मीर के बच्चे हमारी आशा हैं 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: देव कश्यप Updated Fri, 21 Jun 2019 06:39 AM IST
Lt Gen Ranbir Singh, Commander of the Northern Army
Lt Gen Ranbir Singh, Commander of the Northern Army - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू कश्मीर में सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि रियासत में ऑपरेशनों को बहुत सावधानी पूर्वक पेशेवर अंदाज में अंजाम दिया जाता है। मानवीय मूल्यों का ख्याल रखा जाता है। ले. जन. सिंह वीरवार को अनंतनाग के वुजुर में आर्मी गुडविल स्कूल का नाम शहीद लांस नायक नजीर अहमद वानी के नाम पर करने के मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बच्चे हमारी आशा हैं। उन्हें एक दिन विकास के रास्ते पर जरूर लाएंगे।
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यहां पत्रकारों से बातचीत में उत्तरी कमान के कमांडर ले. जन. रणबीर सिंह ने कहा कि, आर्मी गुडविल स्कूल में होना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। क्योंकि यह स्कूल शहीद लांस नायक नजीर अहमद वानी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उनके नाम पर समर्पित किया है। जो भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित हैं। सेना कमांडर ने कहा कि शहीद लांस नायक भारत सरकार द्वारा वीरता के लिए सेना पदक दो बार प्राप्त कर चुके थे।


पढे़-लिखे युवाओं के आतंकी बन जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो देश के हितों के खिलाफ काम करते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि यह हमारे बच्चों, उनके माता-पिता और हमारे शिक्षकों का श्रेय है कि शिक्षा में कोई व्यवधान नहीं आया है, जिसे हम इन स्कूलों में बच्चों को प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर के बच्चे हमारी आशा हैं। हमें यकीन है कि आने वाले समय में वे कड़ी मेहनत करेंगे। उनके पास बड़ी क्षमता है। जहां तक कश्मीर और राष्ट्र का संबंध है, वे समाज के उपयोगी सदस्य बनेंगे। हमें उन्हें विकास के पथ पर ले जाएंगे।

बता दें कि शहीद लांस नायक नजीर अहमद वानी 25 नवंबर 2018 को कुलगाम जिले के बटगुंड गांव में एक आतंक विरोधी ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए थे। उस दौरान छह आतंकियों को ढेर किया गया था। बाद में उसे मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया था। वह पहले ऐसे कश्मीरी थे, जिसे सेना का सर्वोच्च सम्मान मिला। समारोह के दौरान सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिललों, शहीद की पत्नी महजबीन और अन्य अधिकारी और छात्र मौजूद रहे।

1998 में शुरू हुआ था आर्मी गुडविल स्कूल
आर्मी गुडविल स्कूल वुजुर 1998 में शुरू हुआ था। यह शहीद के गांव अशुमजी से मात्र 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्कूल दक्षिण कश्मीर में अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कश्मीर के अन्य प्राप्तकर्ताओं और नायकों जैसे लेफ्टिनेंट उमर फैयाज, अनंतनाग के एसएचओ इंस्पेक्टर अरशद खान, रौफ  अहमद डार, पर्यटक गाइड का भी जिक्र किया और उनके कारनामों की भी सराहना की। इतना ही नहीं अंत में मरहूम रौउफ अहमद डार के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। बता दें कि रौउफ ने पहलगाम के लिद्दर नाले में उस समय दो विदेशी पर्यटकों सहित पांच पर्यटकों की जान बचाई थी, जब 31 मई को उनकी राफ्ट नदी के तेज बहाव वाले पानी में पलट गई थी।

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