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पांच साल में जम्मू-कश्मीर को बनाएंगे बिजली सरप्लस प्रदेश : मुख्यमंत्री
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बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला।
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सीएम ने की समीक्षा बैठक; चिनाब, झेलम, रावी की परियोजनाओं पर ध्यान देने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पांच वर्ष में जम्मू-कश्मीर को बिजली सरप्लस प्रदेश बनाएंगे। इसके लिए जलविद्युत प्रोजेक्टों पर काम किया जा रहा है। इससे बिजली आयात पर निर्भरता कम होगी।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को राज्य विद्युत विकास निगम लिमिटेड (जेकेएसपीडीसी) की बैठक में चिनाब, झेलम, रावी और सिंधु नदियों पर चल रही योजनाओं के विकास पर ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव बिजली विभाग राजेश एच प्रसाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अनुमानित 18,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता में से 15,000 मेगावाट की पहचान हो चुकी है।
सीएम ने समीक्षा बैठक में विद्युत उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि के बारे में जाना। उन्होंने इन प्रोजेक्टों की जन उपयोगिता तय करने व समय पर क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। निर्माणाधीन परियोजनाओं के मामले में संविदा संबंधी मुद्दों, समय और वित्तीय जैसी चुनौतियों से निपटने को कहा। बैठक में सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद रहे।
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बैठक में बगलिहार, ऊपरी सिंध, बारामुला में निचली झेलम जलविद्युत परियोजना सहित चालू प्रोजेक्टों की समीक्षा की गई। निर्माणाधीन सिंध नदी पर नई गांदरबल जलविद्युत परियोजना (93 मेगावाट), चिनाब की पक्कल डुल (1,000 मेगावाट) व रतले जलविद्युत परियोजना (850 मेगावाट) शामिल पर चर्चा की। इन्हें एनएचपीसी व जेकेएसपीडीसी के बीच संयुक्त उद्यम के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पांच वर्ष में जम्मू-कश्मीर को बिजली सरप्लस प्रदेश बनाएंगे। इसके लिए जलविद्युत प्रोजेक्टों पर काम किया जा रहा है। इससे बिजली आयात पर निर्भरता कम होगी।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को राज्य विद्युत विकास निगम लिमिटेड (जेकेएसपीडीसी) की बैठक में चिनाब, झेलम, रावी और सिंधु नदियों पर चल रही योजनाओं के विकास पर ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव बिजली विभाग राजेश एच प्रसाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अनुमानित 18,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता में से 15,000 मेगावाट की पहचान हो चुकी है।
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सीएम ने समीक्षा बैठक में विद्युत उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि के बारे में जाना। उन्होंने इन प्रोजेक्टों की जन उपयोगिता तय करने व समय पर क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। निर्माणाधीन परियोजनाओं के मामले में संविदा संबंधी मुद्दों, समय और वित्तीय जैसी चुनौतियों से निपटने को कहा। बैठक में सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद रहे।
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बैठक में बगलिहार, ऊपरी सिंध, बारामुला में निचली झेलम जलविद्युत परियोजना सहित चालू प्रोजेक्टों की समीक्षा की गई। निर्माणाधीन सिंध नदी पर नई गांदरबल जलविद्युत परियोजना (93 मेगावाट), चिनाब की पक्कल डुल (1,000 मेगावाट) व रतले जलविद्युत परियोजना (850 मेगावाट) शामिल पर चर्चा की। इन्हें एनएचपीसी व जेकेएसपीडीसी के बीच संयुक्त उद्यम के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया है।

बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला।