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Jammu News: छह महीने पहले हुआ डंपिंग स्टेशन का उद्घाटन, अब कचरे में व्यवस्था
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अरनिया की सभी 10 पंचायतों में घरों से कचरा उठाने का अभियान ठप
मूलभूत ढांचा तैयार, लोगों के जागरूक न होने से व्यवस्था बेकार
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। ब्लॉक अरनिया के अंतर्गत आती 10 पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर से कचरा उठाने का कार्यक्रम सफल होता नहीं दिख रहा। किसी भी पंचायत में अभी तक घरों से कचरा उठाने के पुख्ता बंदोबस्त नहीं हैं। करीब 6 महीने पहले उपायुक्त जम्मू अवनी लवासा ने पंचायत कठार में कचरा उठाने की गाड़ी और डंपिंग स्टेशन का उद्घाटन किया था। यह काम महज 15 से 20 दिन चल कर ठप हो गया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन ने मूलभूत ढांचा तो तैयार कर दिया, लेकिन को जागरूक करना बाकी है।
इस मुद्दे पर पंचायत बहादुर पुर के सरपंच ज्योति लाल ने कहा कि घरों से कचरा उठाने के लिए प्रशासन को खुद जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। ज्यादातर देहात के लोग घर का कूड़ा खेतों में ले जाते हैं। इसलिए, कचरा उठाने के लिए महीने का शुल्क लोग नहीं देंगे। उसके लिए लोगों को पहले पूरी तरह से मानसिक तौर पर तैयार करना पड़ेगा। वहीं, पंचायत आल्हा के उप सरपंच लवली सिंह ने कहा कि कचरा उठाने के लिए प्रशासन को ही गाड़ी की सुविधा देनी पड़ेगी। प्रशासन की तरफ से ही कर्मचारी की ड्यूटी लगा कर मासिक शुल्क इकट्ठा करना पड़ेगा। समय-समय पर लोगों को जागरूक भी करना पड़ेगा।
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गांवों के घरों से कचरा उठाने के लिए जिन्हें ठेका दिया गया था, वे बीच में ही काम छोड़ कर चले गए। इसके चलते काम रुका हुआ है। लेकिन, जल्द ही किसी एजेंसी को कचरा उठाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। एजेंसी के साथ प्रशासनिक और पंचायत के जनप्रतिनिधि भी पूरा सहयोग करें।
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- गुरजीत सिंह, खंड विकास अधिकारी, अरनिया
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मूलभूत ढांचा तैयार, लोगों के जागरूक न होने से व्यवस्था बेकार
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। ब्लॉक अरनिया के अंतर्गत आती 10 पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर से कचरा उठाने का कार्यक्रम सफल होता नहीं दिख रहा। किसी भी पंचायत में अभी तक घरों से कचरा उठाने के पुख्ता बंदोबस्त नहीं हैं। करीब 6 महीने पहले उपायुक्त जम्मू अवनी लवासा ने पंचायत कठार में कचरा उठाने की गाड़ी और डंपिंग स्टेशन का उद्घाटन किया था। यह काम महज 15 से 20 दिन चल कर ठप हो गया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन ने मूलभूत ढांचा तो तैयार कर दिया, लेकिन को जागरूक करना बाकी है।
इस मुद्दे पर पंचायत बहादुर पुर के सरपंच ज्योति लाल ने कहा कि घरों से कचरा उठाने के लिए प्रशासन को खुद जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। ज्यादातर देहात के लोग घर का कूड़ा खेतों में ले जाते हैं। इसलिए, कचरा उठाने के लिए महीने का शुल्क लोग नहीं देंगे। उसके लिए लोगों को पहले पूरी तरह से मानसिक तौर पर तैयार करना पड़ेगा। वहीं, पंचायत आल्हा के उप सरपंच लवली सिंह ने कहा कि कचरा उठाने के लिए प्रशासन को ही गाड़ी की सुविधा देनी पड़ेगी। प्रशासन की तरफ से ही कर्मचारी की ड्यूटी लगा कर मासिक शुल्क इकट्ठा करना पड़ेगा। समय-समय पर लोगों को जागरूक भी करना पड़ेगा।
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गांवों के घरों से कचरा उठाने के लिए जिन्हें ठेका दिया गया था, वे बीच में ही काम छोड़ कर चले गए। इसके चलते काम रुका हुआ है। लेकिन, जल्द ही किसी एजेंसी को कचरा उठाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। एजेंसी के साथ प्रशासनिक और पंचायत के जनप्रतिनिधि भी पूरा सहयोग करें।
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- गुरजीत सिंह, खंड विकास अधिकारी, अरनिया