जीएमसी में भिड़ गए डाक्टर और सुरक्षाकर्मी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएमसी में रविवार को निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ कहासुनी के बाद भड़के जूनियर डाक्टरों ने तीन घंटे कामकाज ठप रखा। सुरक्षाकर्मियों ने भी कुछ देर काम बंद करके विरोध जताया।
डाक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। हालांकि फैकल्टी सदस्य इमरजेंसी में सेवाएं देते रहे, मगर वार्डों सहित इमरजेंसी में जूनियर डाक्टरों की कमी खली।
अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल ने बताया कि दोपहर को जूनियर डाक्टर काम पर लौट आए थे। इमरजेंसी में तैनात सुरक्षा में बदलाव किया जाएगा।
गार्ड ने डॉक्टर को बिना एप्रेन के अंदर जाने से रोका
नए इमरजेंसी ब्लाक के रूम चार के बाहर सुबह ग्यारह बजे एक निजी सुरक्षाकर्मी को भीड़ कम करने के लिए तीमारदारों को बाहर करने को कहा गया।
सुरक्षाकर्मियों का आरोप था कि बिना एप्रेन पहने सर्जरी विभाग का एक जूनियर डाक्टर जबरन भीतर जाने लगा तो सुरक्षाकर्मी ने उसकी शिनाख्त के बारे में पूछा।
इस पर वह भड़क गया और अन्य डाक्टर निजी सुरक्षाकर्मी को पकड़कर सीएमओ के पास ले आए। सुरक्षाकर्मियों का आरोप था कि जूनियर डाक्टरों ने सुपरवाइजर सहित कई सुरक्षाकर्मियों के साथ बेवजह अभद्र व्यवहार और हाथापाई की।
इसके बाद सभी सुरक्षाकर्मी इमरजेंसी से बाहर पार्क में आ गए। वहीं डाक्टरों का आरोप था कि निजी सुरक्षाकर्मियों ने जूनियर डाक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया, जबकि वह ड्यूटी पर था।
इस घटनाक्रम के बाद जूनियर डाक्टरों ने कामकाज ठप कर दिया। इससे इमरजेंसी सहित अन्य यूनिट प्रभावित हुए। अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक में सुरक्षाकर्मियों को बदलने के फैसले के बाद जूनियर डाक्टर काम पर लौटे।