{"_id":"60ea92bc25294246ad003c4a","slug":"china-is-giving-drone-training-to-pakistani-army-and-terrorists","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तानी सेना और आतंकियों को ड्रोन की ट्रेनिंग दे रहा चीन, बीएसएफ ने कही ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तानी सेना और आतंकियों को ड्रोन की ट्रेनिंग दे रहा चीन, बीएसएफ ने कही ये बात
Sun, 11 Jul 2021 12:12 PM IST
प्रशांत कुमार
अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 11 Jul 2021 12:12 PM IST
सार
बीएसएफ के प्रवक्ता डीआईजी एसपी एस संधु का कहना है कि पाकिस्तान चीन के हेक्साकॉप्टर और क्यूडकॉप्टर दोनों का ही इस्तेमाल कर रहा है। इसका तोड़ निकालने पर काम चल रहा है।
विज्ञापन
ड्रोन
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घुसपैठ और हमलों में मुंह की खाने वाले आतंकी संगठनों ने चाइनीज ड्रोन को अपना मुख्य हथियार बना लिया है। पहले आतंकी इनका इस्तेमाल ड्रग्स की सप्लाई के लिए कर रहे थे। इसके बाद इनका इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई के लिए गया और अब हमलों के लिए किया जा रहा है। आतंकियों के इस नए हथियार के पीछे चीन की सोची समझी साजिश है। जिसने पाकिस्तान को बड़े स्तर पर ड्रोन दिए। यही नहीं अब इन ड्रोन के बारे में चीन के सैनिक पाकिस्तानी सेना को पूरी तकनीक बता रहे हैं।
विज्ञापन
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना की तरफ से फिर आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि आतंकी संगठन इसका सही तरीके से इस्तेमाल करें। आतंकियों की साजिश कितनी सटीक थी, इसका अंदाजा जम्मू के वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले से लगाया जा सकता है। पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने ड्रोन के जरिए हमला किया और हमला करके वापस ड्रोन पाकिस्तान भी बुला लिए।
विज्ञापन
अलग तकनीक बताई जा रही
चीन की ओर से ड्रोन को इस्तेमाल करने की अतिरिक्त तकनीक पाकिस्तानी सेना को दी जा रही है। इसमें बताया जा रहा है कि किस तरह से ड्रोन को उड़ाने की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि ड्रोन के साथ कौन-कौन से उपकरण, विस्फोटक लगाकर इनको ज्यादा खतरनाक और अधिक दूूरी तक भेजा जा सकता है। ड्रोन के अपने फीचर के साथ अतिरिक्त फीचर अलग से बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
टीआरएफ सबसे ज्यादा कर रहा इस्तेमाल
पिछले दो साल में जम्मू के इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर राजोरी, पुंछ, सांबा, कठुआ, जम्मू जिलों में 20 से अधिक बार ड्रोन से हथियार और नशे की सप्लाई भेजी गई। इन 20 घटनाओं में 17 घटनाओं को लश्कर के नए संगठन टीआरएफ ने अंजाम दिया। जबकि बाकी के तीन मामलों को जैश ए मोहम्मद ने अंजाम दिया है।
यह भी पढ़ें- गद्दारों की खैर नहीं: सरकारी नौकर बन देश के खिलाफ साजिश, आतंकी सलाहुद्दीन की औलादें और ये भी हैं शामिल