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जम्मू विवि में चंद्रशेखर आत्महत्या: विवि प्रशासन ने एसआईटी को सौंपा छात्राओं का शिकायत पत्र, वीडियो और डीवीआर

Mon, 12 Sep 2022 02:10 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 12 Sep 2022 02:10 AM IST
सार

जम्मू विवि में चंद्रशेखर आत्महत्या मामले में सूत्रों का कहना है कि कैश कमेटी ने एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर के कक्षा और विभाग में प्रवेश न करने और किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में हिस्सा लेने से मनाही की सिफारिश की थी। लेकिन उनको निलंबित करने की सिफारिश नहीं की गई थी।

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Chandrashekhar suicide case Jammu University, complaint letter girl students handed over to SIT
प्रो. चंद्रशेखर का फाइल फोटो (दाएं) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर की मौत मामले में सोमवार को कैश कमेटी और उन छात्राओं से पूछताछ करेगी, जिन्होंने यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। उधर, विवि प्रशासन ने एसआईटी को जांच से संबंधित सारा रिकार्ड सौंप दिया है। इसमें छात्राओं का शिकायत पत्र, वीडियो और मनोविज्ञान विभाग व इसके आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज की डीवीआर भी शामिल हैं।

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इनकी अब गहनता से जांच होगी। सूत्रों का कहना है कि कैश कमेटी ने एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर के कक्षा और विभाग में प्रवेश न करने और किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में हिस्सा लेने से मनाही की सिफारिश की थी। लेकिन उनको निलंबित करने की सिफारिश नहीं की गई थी। 

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कुछ ऐसा है छात्राओं का शिकायत पत्र

जानकारी के अनुसार जो शिकायत पत्र कैश कमेटी को मिला। उसमें शिकायत करने वाली छह छात्राएं और एक लड़का भी था। जबकि इनके समर्थन में 14 अन्य विद्यार्थियों के हस्ताक्षर थे। सभी छह छात्राओं की शिकायत लगभग एक जैसी थी। इन्होंने बताया कि वह लोग सबसे पहले एचओडी आरती बख्शी के पास गए थे, उन्होंने कहा कि इसमें वह कुछ नहीं कर सकती। इसलिए वह लोग कैश कमेटी के पास जाएं। कैश कमेटी के पास जाने पर सभी छह छात्राओं की वीडियो रिकार्डिंग की गई कि इनको डॉ. शेखर किस तरह प्रताड़ित करते थे।

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बेहद गंभीर आरोप 

सभी छह छात्राओं की स्टेटमेंट लगभग एक जैसी ही थी। छात्राओं ने बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर उनको अपने कमरे में बुलाते थे। लाइट बंद कर देते थे। उनको गलत तरीके से छूते थे। कहा कि वह उनका हाथ पकड़ते थे। एक लड़के ने अपनी स्टेटमेंट में कहा है कि उन्होंने उनको शौचालयों को लेकर कमेंट किया। 

पांच सितंबर को डॉ. चंद्र शेखर ने की थी कैश कमेटी से बात

सूत्रों का कहना है कि पांच सितंबर को जनरल जोरावर सिंह आडिटोरियम में कैश कमेटी की अध्यक्ष अल्का शर्मा से एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर की बात हुई थी। इसमें उन्होंने पूछा था कि क्या उनके खिलाफ कोई यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायत आई है। इस पर अल्का शर्मा की तरफ से उनको फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया गया। 

अलग-अलग लिए जाएंगे बयान

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी सोमवार को शिकायत करने वाली छात्राओं से अलग-अलग बयान लेगी। इसके अलावा कैश कमेटी के सदस्यों और मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों से बात की जाएगी। साथ ही वीडियो और डीवीआर की जांच होगी। 

खंगाली जा रही मोबाइल की सीडीआर

सूत्रों का कहना है कि पुलिस एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर के मोबाइल फोन की सीडीआर समेत अन्य डिटेल खंगाल रही है। डॉ. चंद्र शेखर के मोबाइल पर पैटर्न लाक लगा हुआ है। साथ ही इसमें उनके बेटे के फिंगर प्रिंट का लॉक भी है।

एसआईटी नहीं सीबीआई करे डॉ. चंद्र शेखर की खुदकुशी के मामले की जांच

ऑल इंडिया एससी, एसटी और ओबीसी कंफेडरेशन ने आरके कलसोत्रा की अध्यक्षता में बैठक कर डॉ. चंद्र शेखर की खुदकुशी मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों से जम्मू विवि के मनोविज्ञान विभाग में डॉ. चंद्र शेखर एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर तैनात थे। इतने सालों में उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप नहीं लगा था।

  • आरके कलसोत्रा ने कहा कि विभाग की 22 से 30 छात्राओं ने एसोसिएट प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसकी सीबीआई जांच होनी जरूरी है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो बेटियों को बहादुर माना जाएगा। जिन्होंने अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई है।

गलत साबित होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो। उप राज्यपाल को मामले में संज्ञान लेना चाहिए। एसआईटी के बजाए सीबीआई से जांच करवाएं। अभिभावकों को कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में बेटियों को पढ़ने भेजने से पहले सोचना होगा। ऐसे मामले के प्रति आवाज उठाई जानी चाहिए। 

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