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Jammu News: चैंबर का पांच दिन का अल्टीमेटम... स्मार्ट मीटर के मुद्दे नहीं सुलझे तो अगले हफ्ते जम्मू बंद
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चैंबर हाउस बाजार संघों के साथ बैठक करते चैंबर अध्यक्ष अरुण गुप्ता व अन्य पदाधिकारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पीडीडी विभाग और प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम देते कहा कि अगर स्मार्ट मीटर से जुड़े मुद्दे सुलझाएं नहीं गए तो जम्मू बंंद किया जाएगा। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आम लोग रोज सड़कों पर उतर रहे हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। चैंबर हाउस में शनिवार को बाजार संघों के अध्यक्षों और महासचिवों के साथ हुई बैठक में जम्मू बंद की रणनीति पर चर्चा की गई। बाजार संघों ने समर्थन देते हुए कहा कि अगर अनिश्चितकालीन प्रतिष्ठान बंद करने पड़े तो वे तैयार हैं।
चैंबर अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर के मुद्दों को लेकर विभिन्न मंचों पर उठाया गया, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया। डिजिटल को स्मार्ट मीटर से बदलने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाते कहा- बिजली के खंभों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे जनता में बेचैनी पैदा हो गई है। प्रशासन को जनता को विश्वास में लेकर उनके परिसरों के भीतर स्मार्ट मीटरों को स्थापित करना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार विशेषकर पीडीडी स्मार्ट मीटर की रीडिंग की तुलना डिजिटल मीटर से कर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। बिजली विभाग को ठोस कारण बताना चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल कैसे बढ़े। सरकार को शिकायतों के निपटान के लिए समिति का गठन करना चाहिए।
एक हजार से 5 हजार कैसे पहुंच गया बिल, स्पष्ट करें
यह अजीब है कि जिस उपभोक्ता का पहले 1000 रुपये बिल आ रहा था वह स्मार्ट मीटर लगने के बाद 5000 रुपये हो गया। इस पहलू को जब पीडीडी के समक्ष उठाते हैं तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता। सदस्यों ने कहा कि सरकार को ट्रांसमिशन घाटे को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आम जनता से संबंधित किसी भी नीति या निर्णय को लागू करने से पहले व्यापारिक समुदाय और नागरिक समाज के सदस्यों को विश्वास में लेना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार जनता और व्यापारिक समुदाय के सदस्यों को परेशान कर रही है। यह भी शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद अगर बिजली गुल हो जाती है तो कोई उसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाता। इस दौरान राजीव गुप्ता, मनीष गुप्ता, राजेश गुप्ता मौजूद रहे।
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जम्मू। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पीडीडी विभाग और प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम देते कहा कि अगर स्मार्ट मीटर से जुड़े मुद्दे सुलझाएं नहीं गए तो जम्मू बंंद किया जाएगा। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आम लोग रोज सड़कों पर उतर रहे हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। चैंबर हाउस में शनिवार को बाजार संघों के अध्यक्षों और महासचिवों के साथ हुई बैठक में जम्मू बंद की रणनीति पर चर्चा की गई। बाजार संघों ने समर्थन देते हुए कहा कि अगर अनिश्चितकालीन प्रतिष्ठान बंद करने पड़े तो वे तैयार हैं।
चैंबर अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर के मुद्दों को लेकर विभिन्न मंचों पर उठाया गया, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया। डिजिटल को स्मार्ट मीटर से बदलने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाते कहा- बिजली के खंभों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे जनता में बेचैनी पैदा हो गई है। प्रशासन को जनता को विश्वास में लेकर उनके परिसरों के भीतर स्मार्ट मीटरों को स्थापित करना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार विशेषकर पीडीडी स्मार्ट मीटर की रीडिंग की तुलना डिजिटल मीटर से कर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। बिजली विभाग को ठोस कारण बताना चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल कैसे बढ़े। सरकार को शिकायतों के निपटान के लिए समिति का गठन करना चाहिए।
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एक हजार से 5 हजार कैसे पहुंच गया बिल, स्पष्ट करें
यह अजीब है कि जिस उपभोक्ता का पहले 1000 रुपये बिल आ रहा था वह स्मार्ट मीटर लगने के बाद 5000 रुपये हो गया। इस पहलू को जब पीडीडी के समक्ष उठाते हैं तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता। सदस्यों ने कहा कि सरकार को ट्रांसमिशन घाटे को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आम जनता से संबंधित किसी भी नीति या निर्णय को लागू करने से पहले व्यापारिक समुदाय और नागरिक समाज के सदस्यों को विश्वास में लेना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार जनता और व्यापारिक समुदाय के सदस्यों को परेशान कर रही है। यह भी शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद अगर बिजली गुल हो जाती है तो कोई उसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाता। इस दौरान राजीव गुप्ता, मनीष गुप्ता, राजेश गुप्ता मौजूद रहे।
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