{"_id":"c75f707bacb71d56d2ce17751ba62c65","slug":"challan-in-22-crore-land-scam-at-pulwama-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रियासत के सबसे बड़े घोटाले में ये है UPDATE","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रियासत के सबसे बड़े घोटाले में ये है UPDATE
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Wed, 29 Apr 2015 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत के सबसे बड़े गबन घोटाले के आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस आर्गनाइजेशन कश्मीर ने अदालत में चालान पेश कर दिया। पुलवामा के भूमि अधिग्रहण कलेक्टर के फंड से 22 करोड़ रुपये का गबन हुआ, जो भूमि के मालिकों को देने के लिए रखा गया था। एसपी विजिलेंस के नेतृत्व में बनी विशेष जांच टीम 75 लोगों के खिलाफ आरोप सही पाए।
विज्ञापन
इनमें तत्कालीन कलेक्टर (भूमि अधिग्रहण, पुलवामा) आदिल राशिद नकाश, भूमि अधिग्रहण क्लर्क (डीसी कार्यालय, पुलवामा) परवेज इंद्राबी, जेएंडके बैंक अवंतीपोरा और लेथपोरा के अधिकारी के अलावा फारूक जहांजेब उर्फ रिंकू (अवंतीपोरा), शौकत अहमद डार व अन्य शामिल हैं। विजिलेंस के अनुसार लेथपोरा स्थित जेएंडके बैंक में भूमि अधिग्रहण कलेक्टर पुलवामा के अकाउंट से साजिशकर्ताओं ने 18 माह में 22,11,89,400 रुपये निकाले।
विज्ञापन
फर्जी और जाली अथारिटी लेटर के जरिए निजी लोगों के अकाउंट में भारी रकम स्थानांतरित की गई। इसके बाद साजिशकर्ताओं ने सारी राशि आपस में बांटी और अचल संपत्ति ली। जांच में पता चला की आरोपी फारूक ने अपने मामा गुलाम मोहम्मद भट के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से खाता खोला। जिसमें सारी राशि स्थानांतरित की गई।
विज्ञापन
आरोपी फारूक और शौकत ने बाद में कलेक्टर आदिल राशिद और क्लर्क परवेज के अकाउंट में नकद और अन्य तरीकों से रुपये जमा करवाए। शौकत ने कई गांवों के लोगों की जमीनें भी हड़पीं और लगभग नौ करोड़ रुपये का गबन किया।
जांच के दौरान विजिलेंस ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आठ करोड़ की संपत्ति अटैच की, जिसमें दुकानें, रिहायशी घर और भूमि शामिल है। साथ ही आरोपियों और उनके करीबियों के लगभग 50 अकाउंट से एक करोड़ 43 लाख रुपये जब्त किए गए। सरकार से अनुमति मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक जज के समक्ष 60 आरोपियों के खिलाफ 2000 पृष्ठों का चालान पेश किया।