फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Cervical cancer cases are increasing in Jammu and Kashmir know how it can be avoided.

cervical cancer: जम्मू-कश्मीर में बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामले, जानें कैसे बचा जा सकता है

Fri, 02 Feb 2024 05:08 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Fri, 02 Feb 2024 05:08 PM IST
सार

सरकार की यूविन प्लेटफार्म के जरिए 9 से 14 साल की बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को निशुल्क टीकाकरण की योजना लाभदायक साबित होगी। डॉक्टरों के अनुसार अलग-अलग चरण में वैसे टीकाकरण 9 से 26 साल की आयु में भी किया जा सकता है।

विज्ञापन
Cervical cancer cases are increasing in Jammu and Kashmir know how it can be avoided.
सर्वाइकल कैंसर से बचाव को लगाए गए टीके - फोटो : demo

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में जागरूकता के अभाव और साफ-सफाई न रखने के कारण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। राज्य कैंसर संस्थान जम्मू में रोजाना की ओपीडी में 35 से 40 कैंसर मरीज आ रहे हैं, जिसमें हर दूसरे दिन करीब एक सर्वाइकल संबंधी मामले मिल रहे हैं। 

विज्ञापन


ऐसे में सरकार की यूविन प्लेटफार्म के जरिए 9 से 14 साल की बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को निशुल्क टीकाकरण की योजना लाभदायक साबित होगी। डॉक्टरों के अनुसार अलग-अलग चरण में वैसे टीकाकरण 9 से 26 साल की आयु में भी किया जा सकता है।
विज्ञापन


राज्य कैंसर संस्थान में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर प्रमुख रूप से यौन संचारित रोग है। लेकिन यह जरूरी भी नहीं है कि इसी वजह से कैंसर की शिकायत हुई है। प्रदेश में खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में साक्षरता और जागरूकता के अभाव में युवतियां और महिलाएं गुप्तांग में साफ सफाई नहीं रखती हैं, जिससे सर्वाइकल कैंसर की शिकायत हो सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बीमारी से बचाव के लिए तीन तरह का टीकाकरण उपलब्ध है, जिसके लगाने से 99 प्रतिशत सुरक्षा का परिणाम मिला है। अगर सरकारी स्तर पर टीकाकरण की सुविधा निशुल्क मुहैया करवाई जाती है तो इसका प्रदेश में हजारों बालिकाओं को चिकित्सा लाभ मिलेगा। भारत में प्रत्येक 100,000 में से 18 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित हैं। हर साल लगभग 123,000 नए मामलों का निदान किया जाता है और 2020 में 77348 रोगियों की मृत्यु हो गई, जो हर घंटे लगभग 8 मौतों के बराबर है। 


पूरी दुनिया में सर्वाइकल कैंसर का 25 प्रतिशत से अधिक बोझ अकेले भारत पर है। भारत में महिलाओं को जीवनकाल में सर्वाइकल कैंसर होने का जोखिम 2.5 प्रतिशत है, जो दुनिया भर के आंकड़ों (1.3 प्रतिशत) की तुलना में दोगुना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सर्वाइकल कैंसर ज्यादातर युवा महिलाओं को प्रभावित करता है। गर्भाशय-ग्रीवा कोशिका में ऐसे परिवर्तन होते हैं जो उन्हें आक्रामक गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर में बदल देते हैं।

लक्षण : गुप्तांग से असामान्य रक्तस्राव, पेल्विक क्षेत्र में दर्द, महावारी के दौरान अधिक दर्द होना आदि।

बचाव : महिलाएं गुप्तांगों को नियमित रूप से साफ रखें, बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण जरूर करवाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed