{"_id":"57dc285f4f1c1b0b32d47a25","slug":"centre-loosing-morality-in-valley-says-omar-abdullah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'कश्मीर में नैतिक आधार खो रही है नई दिल्ली, ईद पर कर्फ्यू माफी के लायक नहीं'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'कश्मीर में नैतिक आधार खो रही है नई दिल्ली, ईद पर कर्फ्यू माफी के लायक नहीं'
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 17 Sep 2016 11:39 AM IST
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : File Photo
पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ईद उल अजहा पर मस्जिदाें में जबरन बंद रखने पर केंद्र को जमकर लताड़ा।
उमर ने कहा देश की इकलौती मुस्लिम रियासत में यदि ईद के मौके पर भी बेवजह कर्फ्यू लगाया जाए तो केंद्र के साथ कश्मीर के रिश्ते पर सवाल उठना लाजमी है। ईद पर कर्फ्यू लगाना ऐसा अपराध है जिसे माफ नहीं किया जा सकता है।
बड़े पैमाने पर लोगाें की धरपकड़, पीएसए थोपने और ईद पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी जैसे अत्याचार केंद्र के घाटी में नैतिक आधार को लगातार कम कर रहे हैं।
विज्ञापन
उमर ने कहा देश की इकलौती मुस्लिम रियासत में यदि ईद के मौके पर भी बेवजह कर्फ्यू लगाया जाए तो केंद्र के साथ कश्मीर के रिश्ते पर सवाल उठना लाजमी है। ईद पर कर्फ्यू लगाना ऐसा अपराध है जिसे माफ नहीं किया जा सकता है।
बड़े पैमाने पर लोगाें की धरपकड़, पीएसए थोपने और ईद पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी जैसे अत्याचार केंद्र के घाटी में नैतिक आधार को लगातार कम कर रहे हैं।
Trending Videos
'राजनीतिक पक्ष को देखने के बजाय केवल प्रशासनिक नजरिए से देख रही सरकार'
उमर ने कहा जिस तरह से इस बार ईद पर सूफी धार्मिक स्थलों और जामिया मस्जिदाें में नमाज नहीं होने दी गई, वह कश्मीर के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।
सख्ती का रवैया दर्शाता है कि केंद्र कश्मीर समस्या के राजनीतिक पक्ष को देखने के बजाय केवल प्रशासनिक नजरिए से ही देख रहा है। ऐसा करने से हालात सामान्य नहीं होने वाले, बल्कि कश्मीर की अवाम को और पृथक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर प्रहार करते हुए उमर ने कहा उनकी अपनी पार्टी के भीतर ही विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। इस्तीफे की मांग उठ रही है। लेकिन, नेशनल कांफ्रेंस इस मांग को स्वर नहीं देगी। पार्टी इस मामले को पीडीपी पर ही छोड़ती है।
सख्ती का रवैया दर्शाता है कि केंद्र कश्मीर समस्या के राजनीतिक पक्ष को देखने के बजाय केवल प्रशासनिक नजरिए से ही देख रहा है। ऐसा करने से हालात सामान्य नहीं होने वाले, बल्कि कश्मीर की अवाम को और पृथक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर प्रहार करते हुए उमर ने कहा उनकी अपनी पार्टी के भीतर ही विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। इस्तीफे की मांग उठ रही है। लेकिन, नेशनल कांफ्रेंस इस मांग को स्वर नहीं देगी। पार्टी इस मामले को पीडीपी पर ही छोड़ती है।