कश्मीर में जलाए गए स्कूलों की मदद करेगी केंद्र सरकार
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कश्मीर में उपद्रवियों द्वारा जलाए गए स्कूलों से हुई क्षति पर केंद्र को अभी तक विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूलों और सरकारी भवनों को आगजनी से हुए नुकसान की रिपोर्ट अब तक केंद्र को नहीं सौंपी है।
उपद्रवियों ने 35 स्कूल जलाए और 11 को क्षतिग्रस्त किया। इसके अलावा 78 सरकारी भवनों को जलाया और क्षतिग्रस्त किया गया है। अशांति के दौर के शिकार हुए 124 स्कूलों और सरकारी भवनों से रियासत को हुई आर्थिक हानि और निर्माण पर होने वाले खर्च का आकलन पूरा नहीं हो पाया है।
शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक रियासत सरकार विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो जाने के बाद केंद्रीय मदद की मांग करेगी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने सहायता का आश्वासन देते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सरकारी प्रतिष्ठानों को हुए नुकसान के बारे में रिपोर्ट के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय निर्णय लेगा।
घाटी में उपद्रवियों ने जलाए 39 स्कूल
स्कूलों की सुरक्षा के मामलों की नियमित मानिटरिंग की व्यवस्था की गई है। रियासत सरकार के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने जले और क्षतिग्रस्त स्कूलों के छात्रों को दूसरे स्कूलों में समायोजित किया है। इन स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को भी दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
अतिसंवेदनशील स्कूलों की सुरक्षा का खास इंतजाम
रियासत सरकार द्वारा स्कूलों की सुरक्षा के बारे में केंद्र को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक खतरे के मद्देनजर स्कूलों को सामान्य, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील (इन तीन श्रेणियों में बांटा गया है)। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्कूलों में 24 घंटे सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं।
छात्रों के कोर्स पूरा करने के लिए अतिरिक्त शीतकालीन कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। रियासत का अपना स्कूल शिक्षा अधिनियम है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत रियासत को 90 फीसदी अनुदान पर मदद की व्यवस्था की है।