कश्मीर घाटी के हालात परखने आ सकता है केंद्रीय दल
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घाटी के हालात आने वाले दिनों में और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। गृह मंत्रालय हालात का जायजा लेने के लिए अधिकारियों का दल शीघ्र घाटी भेज सकता है। दल मुख्यमंत्री के साथ ही राज्य और पुलिस प्रशासन तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से मिलकर स्थिति का आकलन करेगा।
माना जा रहा है कि पत्थरबाजों तथा उपद्रवियों से सख्ती से निबटने की रणनीति भी बनाई गई है। सूत्रों ने बताया कि अगले महीने दरबार श्रीनगर में खुल जाने के बाद हालात को और बिगाड़ने की साजिश के इनपुट हैं, ताकि राज्य और केंद्र सरकार को उपद्रवियों की ओर से खुली चुनौती दी जा सके।
श्रीनगर शहर में आतंकियों की मौजूदगी के भी इनपुट हैं। इसके साथ ही पत्थरबाजों को भड़काने की भी खबर है। पिछले कुछ दिनों से घाटी में हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। सुरक्षाबलों पर हमले तेज हुए हैं।
विपक्ष के निशाने पर महबूबा सरकार
नेकां का कहना है कि हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस को अपने मुलाजिमों के लिए पैतृक घर न जाने की एडवाइजरी तक जारी करनी पड़ रही है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर कहा है कि रोजाना महबूबा सरकार के नाकाम होने के सबूत सामने आ रहे हैं। राज्य में हालात बिल्कुल बेकाबू हो गए हैं। सरकार नाम की चीज नजर नहीं आ रही है। अब पुलिस वालों को घर न जाने की सलाह दी गई है। खासकर दक्षिणी कश्मीर में। यह महबूबा सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
400 से अधिक पत्थरबाज पकड़े गए