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यकीन मानिए, दो घंटों में आप पहुंच जाएंगे पठानकोट से भद्रवाह, सड़क मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:22 AM IST
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यकीन मानिए 10 वर्ष बाद ही सही पर आप दो घंटे में पठानकोट से भद्रवाह तक पहुंच जाएंगे। आज के समय में इस दूरी को तय करने में कम से कम 10 घंटे का समय लगता है। ऐसा संभव होगा क्योंकि अभी के खस्ता हाल पठानकोट-बसोहली-बनी-छत्तरगला टाप-भद्रवाह सड़क मार्ग को अंतराज्यीय राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के बाद केन्द्र सरकार ने इसका निर्माण कार्य अगले वर्ष से शुरू करवाने का फैसला ले लिया है। वहीं छत्तरगला टाप पर बनने जा रही है 6.8 किमी लम्बी टनल जिससे कठुआ जिले के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ साथ जिला डोडा के पूरे इलाके का चहुंमुखी विकास होगा ।
अभी पठानकोट से भद्रवाह तक का यह सड़क मार्ग 170 किमी लंबा है जिसमें पठानकोट से बसोहली तक सड़क ठीक है और उसके बाद बनी से आगे सरथल तथा छत्तरगला टाप तक सड़क की हालत खराब है। वहीं छत्तरगला टाप से भद्रवाह तक का मार्ग बहुत ही ज्यादा खस्ता हाल है।
इस पूरे क्षेत्र के सांसद व पी एम ओ में राज्यमंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह के प्रयास से केन्द्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने न केवल इसे अंतराज्यीय राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने का फैसला लिया बल्कि छत्तरगला टाप पर टनल निर्माण भी तेजगति से कराने का मन बना लिया है। हालांकि इस पूरे निर्माण कार्य में दस वर्ष का समय लगेगा पर एक दशक बाद न केवल मिनी कश्मीर कहे जाने वाले भद्रवाह में मनाली का रुख करने वाले देश भर के पर्यटक आएंगे बल्कि पूरे इलाके का संपूर्ण विकास होगा।
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कुछ इस तरह आप दो घंटे में पठानकोट से पहुंचेगे मिनी कश्मीर तक
170 किमी लम्बे इस मार्ग पर टनल बन जाने से जहां एक तरफ की दूरी 30 किलोमीटर कम हो जाएगी वहीं पूरे मार्ग पर घुमावदार पर्वतीय रास्तों को सीधा करने के साथ साथ कई छोटी टनल तथा पुलों का निर्माण होने से 30 किलोमीटर और रास्ता कम होने की बात डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिर्पोट में (डीपीआर) में कही गई है। इससे यह राष्ट्रीय राजमार्ग मात्र 110 किमी रह जाएगा जिससे दो घंटे या उससे कुछ अधिक समय में आसानी से पूरा किया जा सकता है।
इस निर्माण को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा: डॉ. जितेन्द्र सिंह
सांसद व पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि यह उनके संसदीय क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है जिसको लेकर वह पिछले दो वर्ष से प्रयास कर रहे हैं और अब जब कि इस मार्ग को अंतराज्यीय राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर दिया गया है तो वह सुनिशिचत करेंगे कि पूरा निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से हो। छत्तरगला टाप पर टनल निर्माण भी उनका सपना है जिसमें कम से कम दस वर्ष का समय लगेगा पर इससे पूरे क्षेत्र का नक्शा ही बदल जाएगा।
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अभी पठानकोट से भद्रवाह तक का यह सड़क मार्ग 170 किमी लंबा है जिसमें पठानकोट से बसोहली तक सड़क ठीक है और उसके बाद बनी से आगे सरथल तथा छत्तरगला टाप तक सड़क की हालत खराब है। वहीं छत्तरगला टाप से भद्रवाह तक का मार्ग बहुत ही ज्यादा खस्ता हाल है।
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इस पूरे क्षेत्र के सांसद व पी एम ओ में राज्यमंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह के प्रयास से केन्द्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने न केवल इसे अंतराज्यीय राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने का फैसला लिया बल्कि छत्तरगला टाप पर टनल निर्माण भी तेजगति से कराने का मन बना लिया है। हालांकि इस पूरे निर्माण कार्य में दस वर्ष का समय लगेगा पर एक दशक बाद न केवल मिनी कश्मीर कहे जाने वाले भद्रवाह में मनाली का रुख करने वाले देश भर के पर्यटक आएंगे बल्कि पूरे इलाके का संपूर्ण विकास होगा।
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कुछ इस तरह आप दो घंटे में पठानकोट से पहुंचेगे मिनी कश्मीर तक
170 किमी लम्बे इस मार्ग पर टनल बन जाने से जहां एक तरफ की दूरी 30 किलोमीटर कम हो जाएगी वहीं पूरे मार्ग पर घुमावदार पर्वतीय रास्तों को सीधा करने के साथ साथ कई छोटी टनल तथा पुलों का निर्माण होने से 30 किलोमीटर और रास्ता कम होने की बात डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिर्पोट में (डीपीआर) में कही गई है। इससे यह राष्ट्रीय राजमार्ग मात्र 110 किमी रह जाएगा जिससे दो घंटे या उससे कुछ अधिक समय में आसानी से पूरा किया जा सकता है।
इस निर्माण को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा: डॉ. जितेन्द्र सिंह
सांसद व पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि यह उनके संसदीय क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है जिसको लेकर वह पिछले दो वर्ष से प्रयास कर रहे हैं और अब जब कि इस मार्ग को अंतराज्यीय राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर दिया गया है तो वह सुनिशिचत करेंगे कि पूरा निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से हो। छत्तरगला टाप पर टनल निर्माण भी उनका सपना है जिसमें कम से कम दस वर्ष का समय लगेगा पर इससे पूरे क्षेत्र का नक्शा ही बदल जाएगा।
टनल निर्माण पर होंगे 3500 करोड़ खर्च
छत्तरगला टाप पर होने वाले टनल निर्माण पर 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है जब कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की डीपीआर तैयार की जा रही है। इस निर्माण कार्य को राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण करवाएगा। केन्द्र सरकार इसे जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में कार्य कर रही है।
लेह की ऊंचाई जितना ऊंचा है छतरगला टाप
पीरपंजाल पहाड़ियों की श्रंखला में स्थित छतरगला टाप 11000 फीट की ऊंचाई पर है जिसकी उंचाई लेह के बराबर है और ऐसे में साल में पांच महीने यह पूरा इलाका बर्फ से ढका रहता है तथा निर्माण कार्य के लिए बहुत कम समय शेष बचता है। वहीं इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र पर बड़ी-बड़ी मशीनों को पहुंचाना और टनल के निर्माण से पहले किमी लम्बे संर्पक मार्गों को बनाना उतना आसान नहीं होगा।
मनाली का विकल्प बन जाएगा भद्रवाह
मौजूदा समय में पठानकोट से मनाली पहुंचने में कम से कम 10 घंटे का समय लगता है और एक बार इस राष्ट्रीय राजमार्ग क ा निर्माण पूरा हो गया तो देशभर से मनाली आने वाले पर्यटकों का रुख मिनी कश्मीर कहे जाने वाले भद्रवाह की तरफ मुड़ना स्वभाविक है जिससे न केवल पूरे क्षेत्र में पर्यटन की आपार संभावनाएं बढ़ जाएंगी बल्कि हजारों स्थानीय युवकों को रोजगार भी मिलेंगे।
कठुआ के पर्वतीय इलाकों का होगा कायाकल्प
कठुआ जिले के पर्वतीय क्षेत्रों जिनमें बसोहली, बनी, सरथल आदि शामिल हैं भी प्राकृतिक सौंर्दय से लबालब होने के बावजूद खस्ता सड़क मार्ग के चलते घोर अनदेखी के शिकार हो रहे हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से न केवल पूरे इलाके का विकास होगा बल्कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों को इसका लाभ मिलेगा और अन्य सुविधाएं भी विकसित होंगी।
पठानकोट से डोडा की दूरी तीन घंटे में होगी तय
नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारियों की मानें तो आने वाले समय में इस राष्ट्रीय राजमार्ग को भद्रवाह के बाद जिला डोडा के साथ जोड़ा जाएगा और ऐसे में पठानकोट से जिला डोडा में आप तीन घंटें में पहुंच पाएंगे। वहीं पठानकोट से किश्तवाड़ या फिर दूसरी ओर पटनीटॉप पहुंचने में साढ़े चार घंटे लगेंगे। यहां से आगे कश्मीर पहुचने में मात्र 2 घंटे का समय और लगेगा।
लेह की ऊंचाई जितना ऊंचा है छतरगला टाप
पीरपंजाल पहाड़ियों की श्रंखला में स्थित छतरगला टाप 11000 फीट की ऊंचाई पर है जिसकी उंचाई लेह के बराबर है और ऐसे में साल में पांच महीने यह पूरा इलाका बर्फ से ढका रहता है तथा निर्माण कार्य के लिए बहुत कम समय शेष बचता है। वहीं इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र पर बड़ी-बड़ी मशीनों को पहुंचाना और टनल के निर्माण से पहले किमी लम्बे संर्पक मार्गों को बनाना उतना आसान नहीं होगा।
मनाली का विकल्प बन जाएगा भद्रवाह
मौजूदा समय में पठानकोट से मनाली पहुंचने में कम से कम 10 घंटे का समय लगता है और एक बार इस राष्ट्रीय राजमार्ग क ा निर्माण पूरा हो गया तो देशभर से मनाली आने वाले पर्यटकों का रुख मिनी कश्मीर कहे जाने वाले भद्रवाह की तरफ मुड़ना स्वभाविक है जिससे न केवल पूरे क्षेत्र में पर्यटन की आपार संभावनाएं बढ़ जाएंगी बल्कि हजारों स्थानीय युवकों को रोजगार भी मिलेंगे।
कठुआ के पर्वतीय इलाकों का होगा कायाकल्प
कठुआ जिले के पर्वतीय क्षेत्रों जिनमें बसोहली, बनी, सरथल आदि शामिल हैं भी प्राकृतिक सौंर्दय से लबालब होने के बावजूद खस्ता सड़क मार्ग के चलते घोर अनदेखी के शिकार हो रहे हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से न केवल पूरे इलाके का विकास होगा बल्कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों को इसका लाभ मिलेगा और अन्य सुविधाएं भी विकसित होंगी।
पठानकोट से डोडा की दूरी तीन घंटे में होगी तय
नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारियों की मानें तो आने वाले समय में इस राष्ट्रीय राजमार्ग को भद्रवाह के बाद जिला डोडा के साथ जोड़ा जाएगा और ऐसे में पठानकोट से जिला डोडा में आप तीन घंटें में पहुंच पाएंगे। वहीं पठानकोट से किश्तवाड़ या फिर दूसरी ओर पटनीटॉप पहुंचने में साढ़े चार घंटे लगेंगे। यहां से आगे कश्मीर पहुचने में मात्र 2 घंटे का समय और लगेगा।