केंद्र अलगाववादियों से नहीं करेगा बातचीत: राजनाथ
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि जम्मू और कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से अभी बातचीत करने की केंद्र सरकार की कोई योजना नहीं है। साथ ही कहा कि राज्य में पाक झंडे फहराए जाने की हरकत को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार की तरह ही अलगाववादियों से बातचीत संबंधी सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि अभी बातचीत का कोई प्रस्ताव नहीं है।
वाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने मीरवाइज उमर फारूक की अगुवाई में हुर्रियत नेताओं के साथ ही यासीन मलिक और शब्बीर शाह के साथ बातचीत की थी।
वाजपेयी सरकार के सिद्धांतों पर होगी पहल
इस प्रक्रिया को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-वन सरकार ने भी आगे बढ़ाया लेकिन केंद्र के हुर्रियत कांफ्रेंस से कश्मीर मसले के समाधान के लिए लिखित में एक रोडमैप देने के कहे जाने के बाद वार्ता पटरी से उतर गई।
जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी गठबंधन की सरकार वाजपेयी सरकार के सिद्धांतों पर आगे बढ़ने पर सहमत है। दोनों के बीच बनी सहमति में कहा गया है कि गठबंधन सरकार सभी आंतरिक स्टेक होल्डरों से सार्थक बातचीत के लिए सुविधाएं और माहौल उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि कश्मीरी जनता को पाकिस्तानी समर्थकों के बहकावे में नहीं आना चाहिए और यह बात याद रखनी चाहिए कि उनका भविष्य भारत के साथ जुड़ा हुआ है।
पाकिस्तानी झंडे फहराए जाने के सवाल पर राजनाथ ने कहा कि हमें इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। अपनी सरजमीं के दुरुपयोग की अनुमति किसी को नहीं देंगे। कश्मीर में पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने पर पूर्व सीएम उमर ने भी चिंता जाहिर की है।