{"_id":"68547aa8b94ab5d9f90e7f54","slug":"celebrating-operation-sindoor-devotees-set-out-for-sindhu-darshan-jammu-news-c-10-jam1003-640680-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: ऑपरेशन सिंदूर का जश्न मनाते हुए सिंधु दर्शन के लिए श्रद्धालु रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: ऑपरेशन सिंदूर का जश्न मनाते हुए सिंधु दर्शन के लिए श्रद्धालु रवाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। लेह में 23 जून से शुरू हो रही पांच दिवसीय सिंधु दर्शन यात्रा के तहत वीरवार को जम्मू के विवेकानंद चौक स्थित अग्रवाल धर्मशाला में ऑपरेशन सिंदूर का जश्न मनाया गया। इसके साथ ही यहां से 850 श्रद्धालुओं का जत्था लेह के लिए रवाना हो गया। यात्रियों ने देशभक्ति के जयघोष लगाए। इस यात्रा का उद्देश्य लेह में पर्यटन को बढ़ावा देना है।
अग्रवाल धर्मशाला से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले सिंधु दर्शन यात्रा समिति जम्मू-कश्मीर की ओर से सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह तिरंगा यात्रा विवेकानंद चौक से शुरू होकर गुम्मट चौक तक गई और वापस अग्रवाल धर्मशाला पर संपन्न हुई। यह यात्रा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के जश्न के रूप में निकाली गई।
यात्रा में शामिल श्रद्धालु 35 छोटे-बड़े वाहनों में रवाना हुए हैं। सत शर्मा ने कहा कि सिंधु नदी और सिंधु घाटी की सभ्यता का अलग महत्व है जो सांप्रदायिक सद्भाव और भारत की एकता को दर्शाती है। यात्रा रवाना होने के मौके पर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा, सिंधु दर्शन यात्रा समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष पूर्णिमा शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
-- --
यात्रा में अनेक नदियों में गंगा स्नान का मौका मिलेगा। यह उत्सव सिंधु नदी का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। मैं पहली बार यात्रा में शामिल हुआ हूं और इसके माध्यम से ही मुझे अनेक नदियों में गंगा स्नान करने का मौका मिला, जिससे मैं खुश हूं।
-सुभाष भट्ट, राजकोट गुजरात
-- -- -
इस यात्रा में शामिल होकर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि भारत की विभिन्न नदियों के जल में स्नान करने का मौका मिलेगा। मैं तीसरी बार यात्रा में शामिल हुआ हूं। केंद्र सरकार को इसे महाकुंभ स्नान की तर्ज पर बढ़ावा देना चाहिए।
-गुरुमुख दास वाधवा, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
-- --
सिंधु दर्शन यात्रा न केवल यात्रा है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने व सिंधु नदी का सम्मान करने के लिए आयोजित किया जाता है जिसने भारत को अपना नाम दिया है।
- विनोद कुमार, राजकोट, गुजरात
विज्ञापन
जम्मू। लेह में 23 जून से शुरू हो रही पांच दिवसीय सिंधु दर्शन यात्रा के तहत वीरवार को जम्मू के विवेकानंद चौक स्थित अग्रवाल धर्मशाला में ऑपरेशन सिंदूर का जश्न मनाया गया। इसके साथ ही यहां से 850 श्रद्धालुओं का जत्था लेह के लिए रवाना हो गया। यात्रियों ने देशभक्ति के जयघोष लगाए। इस यात्रा का उद्देश्य लेह में पर्यटन को बढ़ावा देना है।
अग्रवाल धर्मशाला से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले सिंधु दर्शन यात्रा समिति जम्मू-कश्मीर की ओर से सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह तिरंगा यात्रा विवेकानंद चौक से शुरू होकर गुम्मट चौक तक गई और वापस अग्रवाल धर्मशाला पर संपन्न हुई। यह यात्रा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के जश्न के रूप में निकाली गई।
विज्ञापन
यात्रा में शामिल श्रद्धालु 35 छोटे-बड़े वाहनों में रवाना हुए हैं। सत शर्मा ने कहा कि सिंधु नदी और सिंधु घाटी की सभ्यता का अलग महत्व है जो सांप्रदायिक सद्भाव और भारत की एकता को दर्शाती है। यात्रा रवाना होने के मौके पर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा, सिंधु दर्शन यात्रा समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष पूर्णिमा शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
यात्रा में अनेक नदियों में गंगा स्नान का मौका मिलेगा। यह उत्सव सिंधु नदी का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। मैं पहली बार यात्रा में शामिल हुआ हूं और इसके माध्यम से ही मुझे अनेक नदियों में गंगा स्नान करने का मौका मिला, जिससे मैं खुश हूं।
-सुभाष भट्ट, राजकोट गुजरात
इस यात्रा में शामिल होकर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि भारत की विभिन्न नदियों के जल में स्नान करने का मौका मिलेगा। मैं तीसरी बार यात्रा में शामिल हुआ हूं। केंद्र सरकार को इसे महाकुंभ स्नान की तर्ज पर बढ़ावा देना चाहिए।
-गुरुमुख दास वाधवा, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
सिंधु दर्शन यात्रा न केवल यात्रा है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने व सिंधु नदी का सम्मान करने के लिए आयोजित किया जाता है जिसने भारत को अपना नाम दिया है।
- विनोद कुमार, राजकोट, गुजरात