रेल घोटाले में सीबीआई ने जम्मू में मारे छापे
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रेलवे के विज्ञापन घोटाले में देशव्यापी छापों के तहत जम्मू से लगभग 15-16 किलोमीटर दूर गांव बरजानी में भी सीबीआई की टीम पहुंची। घोटाले के आरोपियों में से एक क्लर्क इसी गांव का रहने वाला है।
बताया जाता है कि कुछ माह पहले भी एक अन्य घोटाले में सीबीआई ने यहां दबिश दी थी, जिसमें यही क्लर्क शामिल था।मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम सुबह बरजानी गांव पहुंची और उक्त क्लर्क के घर छापा मारा।
इस दौरान घर का हर क्षेत्र खंगाला गया। सीबीआई टीम ने जांच में मिले कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छानबीन की। आरोप है कि उक्त क्लर्क चूंकि डीआरएम कार्यालय में तैनात था, इसलिए विज्ञापन के होर्डिंग और लाइट लगाने के टेंडर के लिए ठेकेदारों ने उससे संपर्क किया था।
सीबीआई ने देशव्यापी ताबड़तोड़ छापामारी की
बताया जाता है कि क्लर्क ने ही ठेकेदारों की रेलवे के उच्च अधिकारियों से बातचीत करवाई थी। ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर की कानूनी और अन्य औपचारिकताएं पूरी किए बिना उसे सैंक्शन कर दिया गया।
इससे रेलवे को करोड़ों का नुकसान हुआ। इतना ही नहीं, लाइसेंस फीस तक का भुगतान नहीं किया गया। मामले का खुलासा होने के बाद पहले रेलवे ने विभागीय जांच करवाई।
जांच में कुछ उच्च अधिकारियों की भी संलिप्तता देखते हुए केस सीबीआई के हवाले कर दिया गया था। उसी के आधार पर सीबीआई ने देशव्यापी ताबड़तोड़ छापामारी की। बताया जाता है कि सीबीआई की टीम चंडीगढ़ से आई थी और छापामारी के तुरंत बाद चंडीगढ़ निकल गई।
ऐसे किया घोटाला
कामर्शियल विभाग के अधिकारियों ने छह मामलों में कार्य शुरू करने के लिए आवंटन पत्र जारी नहीं किए थे और जिन तीन मामलों में आवंटन पत्र जारी किए गए हैं, उनमें ठेके की प्रारंभिक औपचारिकताएं, जैसे अधूरी लाइसेंस फीस जमा करना और करार से संबंधित स्टांप पेपर प्रस्तुत न करने के बिना जारी किए हैं।
जिन तीन विज्ञापन एजेंसियों को कार्य दिया था, उन्होंने अपने तय समय से लगभग 10-12 महीने अधिक काम किया। प्रत्येक ठेके में औसतन लाइसेंस शुल्क का भुगतान आठ से बारह माह तक विलंब से किया गया है, लेकिन एजेंसियों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई और न ही जुर्माना लगाया गया।
एजेंसियों द्वारा लाइसेंस फीस की किस्तों का भुगतान नहीं किया गया और एजेंसियों को नोटिस भी जारी नहीं किया गया। आरोपियों ने बैंक ड्राफ्ट, एफडीआर की तारीख में कांट-छांट की।