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कश्मीर में बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही, दस मरे

Thu, 04 Sep 2014 03:19 PM IST
Updated Thu, 04 Sep 2014 03:19 PM IST
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Catastrophe struck by rains and landslides in j&k

पुलस्त नदी पर बने शेरे कश्मीर पुल को नगर से जोड़ने वाली करीब 30 मीटर सड़क के बह जाने से पुंछ नगर का देश के अन्य भागों से संपर्क पूरी तरह से कट गया है।

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शकंर नगर सहित कई मोहल्लों के लोग घरों को छोड़कर श्रीदशनामी अखाड़ा और गीता भवन में शरण लिए हुए हैं। राजोरी में नदी नालों के उफान से बाढ़ में सैकड़ों लोग फंस गए हैं।
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बुद्धल इलाके का राज्य के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया है। राज्य के मुख्य सचिव इकबाल खांडे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिला अधिकारियों से हालात की जानकारी ली और जरूरी निर्देश भी दिए।
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घाटी के कई इलाके देश-दुनिया से कटे

Catastrophe struck by rains and landslides in j&k

जबरदस्त बारिश और नदी-नालों में आए सैलाब ने रियासत में भारी तबाही मचा दी है। चार बच्चों समेत कम से कम दस लोगों की मौत हो गई है। कई लापता हैं। विभिन्न जिलों में आठ सौ से ज्यादा लोग अभी भी फंसे हैं। इनमें 226 लोग तो पुंछ जिले में हैं।


इन्हें सेना और पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। पस्सियां गिरने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे दिन में कई बार बंद हुआ। श्रीनगर-लेह राजमार्ग और मुगल रोड भी बंद है। रियासत के कई हिस्से देश-दुनिया से पूरी तरह कट चुके हैं। हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बिजली, पानी और संचार सुविधाएं भी अस्त-व्यस्त हो चुके हैं।

जम्मू संभाग में चिनाब और कश्मीर में झेलम नदी खतरे के निशान को पार कर गईं हैं। अन्य दरिया और मौसमी नाले भी उफान पर हैं। सेना, पुलिस और प्रशासन के अमले राहत कार्यों में जुटे हैं। वायुसेना को भी सतर्क कर दिया गया है।

चिनाब और झेलम खतरे के निशान से ऊपर

Catastrophe struck by rains and landslides in j&k

खराब मौसम के चलते कई इलाकों में राहत कार्यों में बाधा आ रही है। श्रीनगर शहर में भी बाढ़ के हालात हैं। आधी रात के बाद तक पुंछ, राजोरी, डोडा, रामबन और कश्मीर के ज्यादातर जिलों में मूसलाधार बारिश जारी थी। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और भू-स्खलन के खतरे वाले स्थानों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जम्मू संभाग के 23 गांव बाढ़ में घिरे हैं। यहां के सौ से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है। तीन सौ से ज्यादा कच्चे-पक्के घर ध्वस्त हो गए हैं। कटड़ा में वैष्णो देवी के लिए हेलीकाप्टर सेवा पर भी असर पड़ा।

रियासी जिले की माहौर तहसील के दूरदराज इलाके चुंगाडा में ढोक पर पेड़ गिरने से चार बच्चों नासिर (5), जैतून (7 वर्ष), खातून व जानू और 50 वर्षीय बग्गी की मौत हो गई। डिवकॉम जम्मू शांत मनु के अनुसार पुंछ जिले में पांच लोगों की मौत हुई। इनमें बीएसएफ (154 बटालियन) इंस्पेक्टर मोहम्मद राशिद दुरगान, सूरनकोट निवासी अफजल व तीन नागरिक शामिल हैं।

वायुसेना को तैयार रहने के निर्देश

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बड़गाम जिले में अबुरा नदी में आई बाढ़ में दो लोग गुलाम अहमद तथा अब्दुल राशिद बह गए। कुलगाम में झेलम खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामबन में पस्सियां गिरने से हाइवे पर यातायात रोका गया।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंडलायुक्तों के अलावा सभी विभागों के अधिकारियों को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए हैं। वायु सेना को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही कुलगर के क्रशर में बाढ़ के कारण सात लोग फंस गए।

काजीगुंड क्षेत्र के बीरीगाम से 37 लोगों को बचाया। सेना ने कुलगाम जिले में 19 खानाबदोशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कुल 35 परिवार को बचाया गया। सुरनकोट, मंडी और पुंछ हवेली तहसील में भारी तबाही हुई है।

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