शहीद कैप्टन ने आखिरी FB पोस्ट में लिखी दिल की बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकियों से लड़ते हुए शहीद होने वाले एक जाट और जेएनयू के डिग्री धारक शहीद कैप्टन पवन कुमार के लिए सिर्फ देश का प्यार ही मायने रखता था।
हरियाणा में उनके समुदाय के लोगों द्वारा की जा रही आरक्षण की मांग और जेएनयू परिसर में लगी ‘आजादी’ के नारों से उनका कोई वास्ता नहीं था।
स्पेशल फोर्स के 23 वर्षीय कैप्टन पवन कुमार ने शनिवार को अपने आखिरी फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘किसी को रिजर्वेशन चाहिए तो किसी को आजादी भाई। हमें कुछ नहीं चाहिए भाई। बस अपनी रजाई।’ जम्मू-कश्मीर के पांपोर में आतंकियों के खिलाफ अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए कैप्टन पवन शहीद हो गए।
फेसबुक अकाउंट से मिलती है उनकी जिंदगी की झलक
नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) से ग्रेजुएट होकर इन्हें सेना में आए सिर्फ तीन साल हुए थे। 10 पैरा स्पेशल फोर्सेज के यह अधिकारी पांपोर में एक पांच मंजिली इमारत में छुपे कम से कम तीन आतंकियों के खिलाफ अभियान में अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे थे।
इससे पहले वह आतंकियों के विरुद्ध एक अभियान में घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने दूसरे अभियान में हिस्सा लिया। सेना ने उन्हें ‘प्रेरणादायक नेता’ कह कर सम्मानित किया है।
शहीद कैप्टन पवन कुमार का फेसबुक अकाउंट उनकी जिंदगी के बारे में बताता है। उन्होंने मोटर बाइक और जीप के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट की थी। पिछले साल पोस्ट की उनकी एक तस्वीर में उनका पालतू कुत्ता टायसन उनके साथ है।