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औद्योगिक क्षेत्र को वित्तीय राहत देने में सरकार विफल-बीबीआईए

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जम्मू। बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में औद्योगिक क्षेत्र को वित्तीय प्रोत्साहन न देने पर केंद्र व राज्य सरकार के प्रति रोष जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ खास नहीं किया जा रहा है। वित्तीय राहत जारी न करने से औद्योगिक क्षेत्र पर आर्थिक संकट बढ़ा है।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रधान ललित महाजन ने कहा कि आईजीएसटी/सीजीएसटी/एसजीएसटी का रिएंबर्समेंट भुगतान नहीं किया गया है। इसी तरह स्टेट टैक्स विभाग और सेंट्रल जीएसटी विभाग पर सीएसटी का 2 फीसदी क्लेम के तहत करोड़ों रुपये बकाया हैं। राज्य वित्त विभाग और डीआईपीपी (भारत सरकार) की ओर से लंबित भुगतान जारी नहीं किया जा रहा है, जबकि यह क्लेम के 21 दिन के भीतर दिया जाना चाहिए। जीएसटी विभाग ने अगस्त और सितंबर 2019 के लिए जीएसटी रिटर्न की तिथि को बढ़ाकर 20 अक्तूबर किया है, लेकिन विभाग की ओर से 20 सितंबर के बाद दी गई रिटर्न पर अधिक ब्याज वसूला जा रहा है। कश्मीर में बने हालात से सीमित यातायात की सुविधा रही है। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन पर असर पड़ा है। इससे यूनिट होल्डर जीएसटी/बिजली के बिल/बैंक ब्याज कार्यशील पूंजी और अवधि ऋण पर नहीं दे पाए हैं। उन्होंने राज्यपाल से मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने रिएंबर्समेंट का भुगतान करने, राज्य विभागों को दिए माल का 31 अक्तूबर 2019 तक भुगतान करने, भारत सरकार से लंबित भुगतान को जारी करने, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर के बैंक ऋणों की किस्तों को रिशेड्यूल करना, जुलाई से दिसंबर 2019 तक किसी खाते को एनपीए की श्रेणी में न लाने, यूनिट होल्डरों को साफ्ट ऋण उपलब्ध करवाना आदि की मांग की। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों में तरुण सिंगला, अजय लंगर, विराज मल्होत्रा, राजेश जैन, विवेक सिंगल मौजूद रहे।
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