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चक्का जाम, फंसे वैष्णो देवी के यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 09 Apr 2015 09:45 PM IST
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ट्रांसपोर्टरों की ओर से कटड़ा और उधमपुर सहित बनिहाल रूटों की बसों का चक्का जाम रखने के चलते लोगों को खासी दिक्कतों से गुजरना पड़ा है। खासतौर पर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन में यात्री खासे परेशान हुए। रेलवे स्टेशन में एसआरटीसी की बसों पर काफी दबाव बढ़ गया।
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भारी-भरकम सामान के साथ लोग पहले इंतजार करते रहे। फिर टिकटें मिलना शुरू हुई तो मारामारी शुरू हो गई। कतारों में खड़े करके रेलवे स्टेशन के बाहर एसआरटीसी काउंटर में टिकटें दी गईं। दिनभर बसों पर काफी भीड़ थी। ट्रेन चलने से भी लोगों को फायदा हुआ है। लोगों ने कुछ समय इंतजार करके ट्रेनों में अपनी आगे की यात्रा को सुगम बनाया।
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बस स्टैंड में टूरिस्ट कम थे, जम्मू कश्मीर के ही लोग ज्यादा फंसे थे। बस स्टैंड स्थित कटड़ा टिकट काउंटर पर भी ताला जड़ा हुआ था। आसपास के लोगों ने ही कटड़ा, उधमपुर की बसों की हड़ताल के बारे में मुसाफिरों को जानकारी दी। बसों के किराये तक सीमित लोग बसों के इंतजार में वीरवार को बस स्टैंड में ही रुके हैं।
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हड़ताल से ट्रांसपोर्टरों को 20 लाख की चपत
नुकसान के बोझ तले चल रहे ट्रांसपोर्टरों को हड़ताल के चलते 20 लाख रुपये की और चपत लगी है। वीरवार को दो हजार गाड़ियां हड़ताल के कारण सड़क पर नहीं उतरीं, जिस कारण ट्रांसपोर्टरों को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा है। इसके साथ ही सरकार खजाने में टैक्स के रूप में जाने वाले पैसे नहीं जा सके हैं।
बावजूद नेशनल हाईवे अथॉरिटी के रवैये से तंग ट्रांसपोर्टर संतोष रखे हुए हैं। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक डोडा, रामबन, किश्तवाड़, उधमपुर, रियासी के रूटों पर एक हजार के करीब बस और एक हजार के लगभग टैक्सी चलती है। ऐसे में दो हजार वाहन उक्त रूटों पर दौड़ते हैं।
एक गाड़ी से प्रतिदिन की एक हजार रुपये की बचत भी मान कर चलें तो दो हजार वाहनों के खड़े होने से 20 लाख रुपये के करीब नुकसान हुआ है। इसी पैसे से ट्रांसपोर्टरों, मेकैनिक, ड्राइवर, कंडक्टर सहित अन्य जुड़े लोगों की रोजी-रोटी चलनी थी, लेकिन वीरवार को चक्का जाम के कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
ट्रांसपोर्ट का कहना है कि हड़ताल करके वे भी खुश नहीं है, लेकिन मजबूरन उन्हें ऐसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। बन टोल प्लाजा में बसों से रोजाना टैक्स वसूला जा रहा है, जबकि ट्रांसपोर्ट कारोबार पहले ही घाटे में चल रहा है।