राज्य के अफसरों को मंत्री सरीखे अधिकार
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रियासत में जनता की समस्याओं को तेजी से निपटाने तथा कामकाज को पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संपादित करने के उद्देश्य से राज्यपाल एनएन वोहरा ने अफसरशाही को मंत्रियों के अधिकार सौंपे हैं।
इन्हें वित्तीय, प्रशासनिक और नियुक्ति संबंधी अधिकार दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न न होने पाए, राज्य में सुशासन बना रहे और जनता को समस्याओं के लिए इधर उधर भटकना न पड़े। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से सोमवार को इस आशय के आदेश जारी किए गए।
आदेश के अनुसार मुख्य सचिव को साढ़े सात से 20 करोड़ रुपये तक की योजनाओं को मंजूरी देने के अधिकार दिए गए हैं। केंद्रीय योजनाएं जो 50 करोड़ रुपये तक की होंगी, उन्हें भी हरी झंडी दे सकते हैं। केएएस अफसरों की ट्रांसफर और विभिन्न विभागों के नियुक्ति नियमों को मंजूरी देने का अधिकार होगा।
कार्य को तेज गति से संपादित करने के लिए पहल
प्रशासनिक सचिवों को साढ़े सात करोड़ रुपये तक के कार्यों को मंजूरी देने का अधिकार होगा। गजटेड अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का भी इन्हें अधिकार होगा। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिव आईएएस अफसरों के पेंशन, छुट्टियां, प्रशासनिक अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों को संपादित करेंगे।
इसके साथ ही योजना विभाग के प्रशासनिक सचिव को डिस्ट्रिक्ट प्लान के तहत 25 लाख तक के भुगतान का अधिकार होगा। इसके साथ ही वित्त विभाग, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पीडीडी विभाग, स्कूल एजूकेशन तथा विधि विभाग के प्रशासनिक सचिवों को भी अधिकार दिए गए हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रशासनिक तथा वित्तीय अधिकार जो प्रशासनिक सचिवों को नहीं सौंपे गए हैं, उनका प्रयोग मुख्य सचिव करेंगे।