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तीन साल बाद बिखरेगी कश्मीरी सेब की मिठास

Thu, 18 Jun 2015 09:53 AM IST
Updated Thu, 18 Jun 2015 09:53 AM IST
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bumper crop of apples in kashmir

विश्व प्रसिद्ध कश्मीरी सेब इस बार देश-विदेश में खूब मिठास बिखरेगा। कारण है कि कश्मीर में सेब की बंपर पैदावार। पूरे तीन साल बाद घाटी में सेब की पैदावार दोगुना होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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अगले छह महीने तक कश्मीर की पांच किस्मों के सेब मार्केट में उपलब्ध रहेंगे। दस दिन के भीतर सीजन की पहली किस्म हजरतबली मार्केट में उपलब्ध होगी। पिछले वर्ष बाढ़ के कारण सेब की पैदावार आधी तबाह हो गई थी, जो बची बाढ़ की वजह से मार्केट तक नहीं पहुंच पाई।
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पिछले साल सेब की फसल का एक हजार करोड़ किसानों को नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन इस वर्ष इस नुकसान को दोगुने मुनाफे में तब्दील किया गया है। अगर अगले एक-डेढ़ महीने तक ओले न गिरे तो सेब की रिकार्डतोड़ पैदावार मार्केट में उपलब्ध होगा।
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कश्मीर के सेब उत्पादकों की नजर विदेशी मार्केट पर टिकी है। इस साल करीब दो हजार करोड़ रुपये सेब से कमाई करने का लक्ष्य कश्मीर के उत्पादकों ने रखा है।

50 फीसदी अधिक फसल हुई

bumper crop of apples in kashmir

कश्मीर संभाग के दस जिलों में सेब की विभिन्न किस्मों की दोगुना फसल हुई है। शोपियां एकमात्र ऐसा जिला है, जहां सबसे अधिक क्षेत्र पर फसल होती है। शोपियां में इस साल पांच लाख मीट्रिक टन फसल होने का अनुमान है।

शोपियां में 21596 हेक्टेयर पर सेब की फसल लगाई गई है। पूरे कश्मीर संभाग में पुलवामा, श्रीनगर, कुपवाड़ा, बारामुला, अनतंनाग, कुलगाम जिलों में एक लाख हेक्टेयर पर सेब की फसल लगाई गई है। जिस पर 20 लाख मीट्रिक टन सेब लगने का अनुमान है।

शांपियां एपल ग्रोवर्स एसोसिएशन के सचिव शब्बीर अहमद कूले का कहना है कि पिछले साल तबाही हुई, इस साल फसल दोगुना हुई है। दस दिनों के भीतर पहली किस्म का सेब मार्केट में होगा।

2011 में हुई थी रिकार्ड फसल

bumper crop of apples in kashmir

करीब तीन साल बाद कश्मीर में रिकार्ड फसल होने जा रही है। इससे पहले वर्ष 2011 में कश्मीर में 1852412 मीट्रिक फसल हुई थी, लेकिन तब डेढ़ लाख हेक्टेयर पर फसल लगी थी।

इसके बाद वर्ष 2012 में 154720 हेक्टेयर पर 1756192 मीट्रिक टन, 2013 में 157280 हेक्टेयर पर 1348419 मीट्रिक टन और 2014 में 144733 हेक्टेयर पर 1139180 मीट्रिक टन फसल हुई, लेकिन इस बार एक लाख हेक्टेयर पर 20 लाख मीट्रिक टन फसल होने का अनुमान है।

सितंबर तक पांच किस्में मार्केट में
इसी महीने सेब की पहली किस्म हजरतबली मार्केट में होगी। इसके बाद सितंबर में डिलिशियस, सितंबर में अमेरिकन, अक्तूबर में महाराजी, अक्तूबर में ही चमूरा, नवंबर में रजाकबरी मार्केट में आएगी। इन सभी किस्मों में अमेरिकन, डिलिशियस, महाराजी विदेश में एक्सपोर्ट होता है।

इस साल विदेश में पांच लाख मीट्रिक टन सेब एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। एप्पल एसोसिएशन के सचिव शब्बीर अहमद कूले का कहना है कि दिल्ली की आजादपुर मंडी में बात की गई है। इसके अलावा पूरे देश में कश्मीर के 15 लाख मीट्रिक टन को एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य है।

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