जम्मू-कश्मीर अमर उजाला संवादः विशेषज्ञ बोले- दूरगामी है बजट, देर से धरातल पर आएंगे नतीजे
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वित्त एवं अर्थशास्त्र मामलों के विशेषज्ञ बजट 2020 में सरकार की दूरदृष्टि देख रहे हैं। बजट घोषणा के बाद अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अर्थशास्त्री, चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सचिव पद पर कार्यरत पेशेवरों ने आयकर स्लैब में बदलाव को सबसे बेहतर प्रावधान बताया। हालांकि, बचत और करों की रियायत संबंधी कई प्रावधानाें को संवाद में शामिल पेशेवरों ने बचत की प्रवृत्ति हतोत्साहित करने करने वाला बजट करार दिया। कुल मिलाकर बजट के प्रावधान दूरगामी दृष्टि से रखे गए हैं। लिहाजा धरातल पर इसके अर्थव्यवस्था अनुकूल नतीजे आने में भी समय लगेगा।
ये बजट दीर्घकालिक दृष्टिकोण से प्रेरित है जिसे वर्तमान समय के अनुकूल बनाया गया है। इससे टैक्स प्लानिंग खत्म हो जाएगी। यह बजट सांख्यिकीय रूप से मजबूत है और हर वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद है। इससे आय की जवाबदेही होगी, जिस कारण लोग रिटर्न भरना शुरू कर देंगे। - शिवानी गुप्ता, कंपनी सचिव
बजट 2020 देश और लोगों के लिए फायदेमंद है। इसके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच होगी। प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर के लिए जिस 30 हजार करोड़ रुपये की घोषणा हुई है। उसकी सौगात जल्द ही प्रदेश को मिलेगी। - मयूरी अग्रवाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट
बजट में लघु अवधि के लिए कुछ भी नहीं दिख रहा- प्रकाश चंद अंथाल
बजट में लघु अवधि के लिए कुछ भी नहीं दिख रहा है। बजट उस समय आया जब देश की जीडीपी धीमी है। इस बजट से ज्यादा बड़ी उम्मी नहीं की जा सकती। डिस्पोजल इनकम को बढ़ाया जाना चाहिए। टैक्स में भी राहत दी जानी चाहिए थी।-प्रो. प्रकाश चंद अंथाल, अध्यक्ष अर्थशास्त्र, जम्मू विवि
देश के लिए एक सकारात्मक बजट है। भारत का 22.5 प्रतिशत टैक्स विश्व का सबसे कम टैक्स है। टैक्स में पांच लाख छूट मिली है जिससे नौकरीपेशा व सामान्य लोगों को फायदा होगा। वे बचत कर सकेंगे। लेकिन देश विकास के लिए अमीरों को जरूर टैक्स देना चाहिए।- राघव गुप्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट
माइक्रो इकोनॉमी के हिसाब से बजट अच्छा है। उपभोक्ताओं को टैक्स का फायदा दिया गया है। इसमें छोटे स्तर की टैक्स प्लानिंग की गई है। लेकिन पूरी तरह से देखा जाए तो ये एक सामान्य बजट है। सरकारी कार्यालयों में मैनपॉवर की कमी है। - प्रो. समीर गुप्ता, निदेशक बिजनेस स्कूल, जेयू
बजट में स्टार्ट-अप इंडिया पहल पर ध्यान केंद्रीय किया गया है। जिसके लिए 100 प्रतिशत टैक्स फायदा दिया गया है। इससे निचले स्तर से देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में बहुत मदद मिलेगी। - अनुभव अग्रवाल, फ्रेंचाइज फाइनेंस कंसल्टेंट