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Budget 2025-26: बजट सत्र की तैयारियां तेज, छह साल बाद सरकार देगी प्रस्ताव; 20,000 करोड़ के पैकेज की मांग

Wed, 29 Jan 2025 11:39 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Wed, 29 Jan 2025 11:39 AM IST
सार

जम्मू कश्मीर में मार्च में होने वाले बजट सत्र में उमर अब्दुल्ला सरकार चुनावी गारंटियों पर जोर देगी और केंद्र से 20,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग करेगी।

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Budget 2025-26: Preparations for the budget session intensified, government will give proposal after six years
केंद्रीय बजट से उम्मीद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बजट सत्र 2025-26 के लिए तैयारी तेज की गई है। वित्त विभाग की ओर से विभागीय स्तर पर प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हितधारकों से चर्चा कर सकते हैं। सरकार बजट के एजेंडे में चुनावी गारंटियों को प्राथमिकता देने पर जोर देगी। जम्मू कश्मीर विधानसभा का तीन मार्च को बजट सत्र बुलाना प्रस्तावित है। छह साल बाद प्रदेश का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा।

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इसी माह हुई कैबिनेट बैठक में मार्च के पहले सप्ताह बजट सत्र बुलाने के लिए प्रस्ताव उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पास भेजा गया था। अब विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर विस की कार्य सलाहकार समिति की बैठक बुलाकर बजट सत्र की अवधि तय करेंगे। वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से बजट पेश करने की तिथि भी तय की जाएगी।
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सीएम बनने के साथ वित्त मंत्री के तौर पर उमर पहली बार विधानसभा में बजट पेश करेंगे। इससे पहले वह मुख्यमंत्री के रूप में अपने पिछले कार्यक्रम में गृह, सामान्य प्रशासन और अन्य विभागों का प्रभार देखते रहे। बजट को 31 मार्च से पहले विधानसभा की ओर से अनुमोदित किया जाना है। आम तौर पर राज्यों की तुलना में केंद्र शासित प्रदेशों में संक्षिप्त बजट सत्र होता है, लेकिन इस बजट सत्र को कुछ हफ्ते तक चलाया जा सकता है।
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वर्तमान में सरकार में मुख्यमंत्री सहित छह मंत्री हैं। विधानमंडल की कार्य मंत्रणा समिति उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस, मंत्रालयों के बजट और अनुदानों पर बहस और सरकारी कामकाज के अलावा निजी सदस्यों के संकल्पों और विधेयकों पर चर्चा के लिए आवंटित समय पर फैसला करेगी।

इससे पहले जम्मू कश्मीर के राज्य होने पर जनवरी 2018 में डॉ. हसीब द्राबू ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 80,313 करोड़ रुपये का जम्मू-कश्मीर राज्य का आखिरी बजट पेश किया था। हालांकि इसी चार माह बाद गठबंधन सरकार के गिर जाने से विधानसभा भंग कर दी गई। जिसके बाद राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने 15 दिसंबर, 2018 को 88,911 करोड़ रुपये का बजट 2019-2020 के लिए अपनाया था।

पांच सालों तक संसद में पेश हुआ बजट
2020-21, 2021-22, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 जम्मू और कश्मीर में विधान सभा की अनुपस्थिति में संसद द्वारा बजट प्रस्तुत और पारित किया गया। 2024-25 के लिए संसद में 1,18,728 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। जम्मू-कश्मीर का 2023-24 का बजट भी 1,18,500 करोड़ रुपये का था।

विधायकों को अभी विधानसभा सत्र के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। बिश्नाह के विधायक डा. राजीव कुमार ने बताया कि उन्हें अभी विधानसभा सत्र के लिए सूचित नहीं किया गया है। इसके साथ विधायकों को अभी सवाल बनाने के लिए भी नहीं कहा गया है। जम्मू पूर्व के विधायक युद्धवीर सेठी ने कहा कि मार्च के शुरू में बजट सत्र प्रस्तावित है, लेकिन अभी सूचित नहीं किया गया है।

उमर सरकार की गारंटियों को प्राथमिकता देने की कोशिश
चुनाव के दौरान उमर सरकार ने योग्य परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 5000 रुपये मासिक देने, साल में 12 रसोई गैस सिलिंडर व राशन देना, कृषि व बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ तीन लाख नौकरियां देने, पर्यटन-उद्योग को बढ़ावा देना आदि की गारंटियां दी हैं। जिससे बजट में इन गारंटियों को शामिल करना सरकार की प्राथमिकता होगी।

केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगासूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री और अन्य मंत्रियों से मुलाकात में जम्मू कश्मीर को 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की थी। अगर केंद्र चाहेगा तो इसे आगामी बजट में किसी घटक में शामिल करके दिया जा सकता है। सूत्रों ने यह भी बताया कि जम्मू कश्मीर के वित्त विभाग की ओर से बजट प्रस्तावों के लिए प्रशासनिक सचिवों को खर्चे में कटौती करने के लिए कहा है। इससे आगामी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के फिजूल खर्चों पर नकेल कसी जा सकती है।

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