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बडगाम टारगेट किलिंग: पत्नी की घटना से कुछ देर पहले ही राहुल से हुई थी बात, मासूम बेटी को देखकर छलकीं आंखें 

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 13 May 2022 06:12 PM IST

सार

आतंकी हमले में मारे गए कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट का जम्मू में अंतिम संस्कार कर दिया गया।पत्नी मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने राहुल से सुरक्षा के लिहाज से कई बार नौकरी छोड़ने को कहा था। 
आतंकी हमले में मारे गए राहुल भट्ट की पत्नी मीनाक्षी
आतंकी हमले में मारे गए राहुल भट्ट की पत्नी मीनाक्षी - फोटो : निखिल मेहता
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विस्तार

बडगाम के चडूरा में तहसील में घुसकर आतंकियों ने कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट्ट की गोली मारकर हत्या कर गई थी। इसके बाद से उनका पूरा परिवार शोक में है। शुक्रवार को राहुल का जम्मू में अंतिम संस्कार कर दिया गया। गमगीन माहौल में उनकी पांच साल की बेटी को देखकर सबकी आंखें नम हो गई। पत्नी मीनाक्षी ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले उनकी राहुल से बात हुई थी। उनके पति के हत्यारों को मार गिराने पर ही पूरे परिवार को इंसाफ मिलेगा। सुरक्षा के हालात को देखते हुए मीनाक्षी ने राहुल को कई बार नौकरी छोड़ने को भी कहा था।

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राहुल ने तबादले के लिए किया था आवेदन 

उनके पिता ने बताया कि राहुल ने बडगाम तहसीलदार कार्यालय चाडुरा से तबादले के लिए आवेदन किया था, लेकिन जिला प्रशासन ने इस पर गौर नहीं किया। इसके लिए उन्होंने सुरक्षा का हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि कार्यालय में जाकर लक्षित हत्या करना चिंताजनक और दुखद है, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर पंडित घाटी में तिरंगा थामे रखने की सजा अपनी जान देकर भुगत रहे हैं।

रिश्तेदार राहुल की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध

राहुल भट्ट की हत्या के बाद जम्मू स्थित दुर्गा नगर निवास पर शोक की लहर है। पारिवारिक सदस्य व रिश्तेदार राहुल की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी तरह की सूचना नहीं मिली। 

2011 में लगी थी नौकरी 

2011 में उसकी नौकरी लगी थी। सरकार कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा देने में विफल रही है। वहां पर मौजूद कर्मचारी अपनी किस्मत के सहारे दिन बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने डीसी बडगाम को फोन किया, लेकिन नहीं उठाया गया। प्रशासन की तरफ से कोई भी सूचना हमें नहीं मिली है।

कार्यालय के अंदर कर्मचारी सुरक्षित नहीं

संबंधित अधिकारियों को परिवार को इस संबंध में अवगत करवाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कार्यालय के अंदर जाकर एक कर्मचारी की हत्या करना सरकार की विफलता है। अगर कार्यालय के अंदर कर्मचारी सुरक्षति नहीं हैं तो सुरक्षा कहां पर है।

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