पाक की नापाक साजिश नाकाम: पाकिस्तान ने ड्रोन से भेजे टाइमर सेट बम, सुरक्षाबलों ने तीन IED को किया डिफ्यूज
सोमवार देर रात साढ़े 11 बजे कानाचक के देहारण गांव में रिंग रोड के पास ड्रोन से एक लिफाफा ड्रॉप किया गया। इसमें बच्चों के खाने के तीन डिब्बे मिले, जिसे कानाचक पुलिस कब्जे में लेकर थाने ले आई। जांच के बाद पता चला कि उन डिब्बों में नौ किलो आईईडी बम है।
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सीमा पार से सात किलोमीटर अंदर घुसकर ड्रोन से अंतरराष्ट्रीय सीमा के कानाचक में गिराई गईं तीन चुंबक जड़ित आईईडी बरामद कर सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी साजिश को नाकाम कर दिया है। यह तीनों आईईडी प्लास्टिक के टिफिन बॉक्स में थीं। तीनों आईआईडी में टाइमर लगा हुआ था। तीन से लेकर आठ घंटे का टाइमर सेट किया गया था। आतंकियों का निशाना आसपास के सुरक्षा प्रतिष्ठान और नाके हो सकते थे। आशंका कश्मीरी पंडितों को लेकर जगती से खीर भवानी के लिए जाने वाली बसों को निशाना बनाने की भी हो सकती है। हालांकि, सुरक्षा बलों ने आईईडी को डिफ्यूज कर जांच शुरू कर दी है।
सोमवार देर रात साढ़े 11 बजे कानाचक के देहारण गांव में रिंग रोड के पास ड्रोन से एक लिफाफा ड्रॉप किया गया। इसमें बच्चों के खाने के तीन डिब्बे मिले, जिसे कानाचक पुलिस कब्जे में लेकर थाने ले आई। जांच के बाद पता चला कि उन डिब्बों में नौ किलो आईईडी बम है। इसे पुलिस द्वारा देहारण में मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे खाली जमीन में गड्ढा खोद कर धमाके से नष्ट कर दिया।
धमाकों से आसपास के लोग डर गए। बता दें कि सोमवार देर रात बीएसएफ द्वारा कानाचक क्षेत्र में ड्रोन की गतिविधियां देखी गईं। हालांकि, इसमें लाइट न होने के कारण यह सात किलोमीटर सीमा पार कर काफी अंदर तक घुस आया था। ड्रोन की आवाज सुनकर बीएसएफ ने दो हवाई फायर भी किए। इसके बाद ड्रोन नहीं दिखा। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पुलिस के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान देहारण गांव में ड्रोन से ड्राप किया गया लिफाफा मिला।
पुलिस की फायरिंग से नीचे गिरा पेलोड
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने बताया कि कानाचक इलाके में बीएसएफ की ओर से ड्रोन की गतिविधियां देखने के बाद पुलिस पार्टी सक्रिय हुई तो देहारण इलाके में दोबारा इसे स्पॉट किया गया। इस पर पुलिस ने फायरिंग की लेकिन ड्रोन को गिराया नहीं जा सका। उसमें लगा पेलोड फायरिंग में नीचे आ गया। इसमें तीन टिफिन बॉक्स में आईईडी फिट कर रखी गईं थीं। इनमें तीन और आठ घंटे का टाइमर लगा हुआ था।
टिफिन बम मिलने से परिजनों में दहशत
आतंकी हमले के लिए टिफिन बम के इस्तेमाल की सूचना से बच्चों के अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया है। जिस तरह से कश्मीर घाटी में मासूम बच्चों तक को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसे में जम्मू में टिफिन बम से आतंकियों के मंसूबे परिजनों के लिए नई चिंता का विषय बन गया है।
एक सप्ताह में दूसरी बार सीरियल ब्लास्ट करने की साजिश नाकाम
अमरनाथ यात्रा के काउंटडाउन के बीच आईईडी से सीरियल ब्लास्ट की दूसरी बड़ी साजिश नाकाम की गई है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इन आईईडी से सीरियल ब्लास्ट किए जाने थे, जिनका इस्तेमाल जम्मू-पुंछ हाईवे या मंदिरों के शहर जम्मू में करने की साजिश थी।
जम्मू पुंछ हाईवे, अखनूर पुल, दोमाना सैन्य स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थल कानाचक क्षेत्र के नजदीक हैं। आशंका है कि यही स्थान निशाने पर रहे होंगे। एक हफ्ते के भीतर ड्रोन से स्टिकी बम भेजने की यह दूसरी कोशिश सामने आई है। दोनों ही बार पूरी तरह से तैयार की गई आईईडी भेजी गई। पहले कठुआ और अब कानाचक में। दोनों बार सीरियल ब्लास्ट करने की साजिश रची गई। लेकिन दोनों ही बार इनको लेने आने वालों का कोई पता नहीं चल पाया है। जो एक चिंता का विषय बना हुआ है। पुलिस आतंकियों के मददगारों की तलाश कर रही है, लेकिन हत्थे नहीं चढ़ पा रहे।
यात्रियों के दिल में भय पैदा करने का प्रयास
सीमा पार बैठे आतंकी संगठन कुछ कर नहीं पा रहे। इसलिए अब नई तकनीक से माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। अमरनाथ यात्रा से पहले आतंकी कुछ ऐसा करना चाहते हैं कि यात्रियों के मन में भय पैदा किया जा सके। लेकिन सीमा पर बीएसएफ का कड़ा पहरा है। ड्रोन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
-रक्षा प्रवक्ता, जम्मू
चुनौती बड़ी है, लेकिन कर लेंगे सामना
सीमा पार से स्टिकी बम तैयार कर ड्रोन से भेजे जा रहे हैं। यह बड़ी चुनौती है लेकिन बीएसएफ सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। इसी वजह से कोशिशें नाकाम हो रही हैं।
- एसपीएस संधु, पीआरओ, बीएसएफ, जम्मू