Jammu: छुट्टी पर आए बेटे को उठाया, 20 दिन बाद मिली मौत की खबर, मां बोली- शरीर पर निशान दे रहे टाॅर्चर की गवाही
जम्मू के आरएस पुरा निवासी बीएसएफ जवान जसविंदर सिंह की एनसीबी हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का कहना है कि बेटे को बिना कारण उठाया गया था और शरीर पर मिले निशान थर्ड डिग्री यातना की ओर इशारा करते हैं।
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आरएस पुरा के बीएसएफ जवान जसविंदर सिंह की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के हिरासत में लिए जाने के बाद माैत पर पूरा परिवार न्याय के लिए निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है। मां गुरमीत कौर ने कहा कि छुट्टी पर घर आए जसविंदर को एनसीबी की टीम ने बिना कारण बताए ही तीन मार्च को उठा लिया था। उन्होंने कहा कि जसविंदर के शरीर पर निशान थर्ड डिग्री ट्राॅर्चर दिए जाने से हुई माैत की गवाही दे रहे हैं।
इसके बाद 23 मार्च तक वह एनसीबी की कस्टडी में रहा। इसके पहले 20 मार्च को सूचना दी जाती है कि उसकी तबीयत बिगड़ गई अमृतसर के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब वे अमृतसर पहुंचे तो जसविंदर की माैत हो चुकी थी। बीएसएफ जवान के शरीर पर निशान माैत की गवाही दे रहे हैं। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
जवान की मां गुरमीत कौर ने अपनी आंखों में आंसू लिए बताया कि जसविंदर छुट्टी पर घर आया हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक कुछ लोग आए और उसे बिना कोई कारण बताए साथ ले गए। मेरे बेटे का क्या कसूर था, हमें कुछ नहीं बताया गया। बस उसे उठा लिया गया, मां का यह करुण विलाप वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर रहा था।परिजनों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें जवान के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई। अचानक 20 मार्च को विभाग की ओर से सूचना मिली कि जसविंदर की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब तक परिवार कुछ समझ पाता, तब तक जसविंदर की मौत हो चुकी थी।
हिरासत में बेरहमी का आरोप
मृतक जवान की पत्नी और परिजनों ने एनसीबी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जसविंदर पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन हिरासत के दौरान उसे बेरहमी से पीटा गया। परिजनों का दावा है कि शरीर पर चोट के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि उसकी मौत प्राकृतिक नहीं, बल्कि बर्बरता के कारण हुई है। पत्नी ने रुंधे गले से मांग की कि मेरे पति के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए। वर्दी का अपमान करने वाले इन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
एनसीबी ने दी सफाई- हार्ट अटैक से हुई थी बीएसएफ जवान जसविंदर की मौत
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में बीएसएफ जवान जसविंदर सिंह (34) की मौत के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। एनसीबी ने इस मामले में सफाई देते हुए बयान में दावा किया है कि 20 मार्च को जसविंदर की मौत अमृतसर के पल्स अस्पताल दो बार दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
आरएस पुरा निवासी जसविंदर सिंह को एनसीबी की जम्मू यूनिट ने तीन मार्च को नशे से संबंधित एक मामले में पूछताछ के लिए पकड़ा था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। 12 मार्च को नशीली दवाओं (ट्रामाडोल) के एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया। इसके बाद 23 मार्च तक वह एनसीबी की कस्टडी में थे।
एनसीबी की जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण में कई अहम सुराग मिले। सामने आया कि जसविंदर पाकिस्तान, पंजाब और जम्मू के तस्करों के संपर्क में था। इसमें जांच के बाद जसविंदर को 19 मार्च की शाम अमृतसर लिया गया। वहां अचानक उसके सीने में तेज दर्द हुआ। इसके बाद उन्हें अमृतसर के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उन्हें दो बाहर हार्ट अटैक आया जिससे उनकी मौत हुई।
एनसीबी ने बताया कि इस मामले जसविंदर के भाई पुपिंदर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया है। वो आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पंजाब और जम्मू-कश्मीर में एनडीपीएस में छह एफआईआर दर्ज हैं।
एनसीबी ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। अमृतसर में न्यायिक और मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर की है। स्थानीय पुलिस की मदद से एनएचआरसी को भी इसकी आधिकारिक सूचना दी गई है। फिलहाल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।