Poonch Terror Attack: पुंछ हमले के बीच एलओसी का हाल जानने पहुंचे बीएसएफ के डीजी, घुसपैठ को लेकर की गहन चर्चा
आईजी जम्मू फ्रंटियर डीके बोरा ने डीजी के समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इसमें पुंछ की घटना को लेकर जम्मू आईबी और एलओसी पर सीमा सुरक्षा के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया।
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सेना के जवानों पर पुंछ में हुए हमले के बीच बीएसएफ के डीजी सुजॉय लाल थाउसेन ने जम्मू पहुंचकर बॉर्डर का हाल जाना। उधर, पुंछ हमले के बाद बीएसएफ की ओर से बार्डर पर चौक्सी बढ़ा दी गई है। पुंछ के भिंबर इलाके में एलओसी पर बीएसएफ की भी तैनाती है। इसे देखते हुए भी तैनाती बढ़ाई गई है।
जम्मू पहुंचने पर वह सीधा पलोड़ा स्थित बीएसएफ मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ बीएसएफ पश्चिमी कमान के एडीजी पीवी रामा शास्त्री और जम्मू फ्रंटियर के आईजी डीके बोरा भी मौजूद रहे। बीएसएफ के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर डीजी ने सुरक्षा हालातों पर बातचीत की।
बैठक में हाल ही में पुंछ हमले और राजोरी में तीन महीने पहले हुए नरसंहार और सीमा पार से लगातार ड्रोन से भेजे जाने वाले हथियारों, गोला बारूद, नशा की तस्करी और आतंकियों की घुसपैठ को लेकर भी गहन विचार विमर्श किया गया। आईजी जम्मू फ्रंटियर डीके बोरा ने डीजी के समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
इसमें पुंछ की घटना को लेकर जम्मू आईबी और एलओसी पर सीमा सुरक्षा के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया। बार्डर पर बीएसएफ की तैनाती, तकनीकी तंत्र, बीएसएफ की विभिन्न बटालियनों के मजबूत वर्चस्व के पहलुओं से अवगत कराया।
यह भी बताया कि सीमा पर मौजूदा समय में ड्रोन और आतंकियों की घुसपैठ सबसे बड़ी चुनौती है। बीएसएफ कई जगहों पर एलओसी के पास भी सेना के साथ मिलकर तैनात है। यहां पर भी इसी तरह के हालात चुनौती बने हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि डीजी बीएसएफ ने बीएसएफ अधिकारियों को बार्डर और एलओसी पर सेना एव अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा। खासकर खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर समन्वय बनाकर काम करने के लिए कहा, ताकि खुफिया इनपुट को साझा किया जाए।
सीमा पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हलचल पर नजर
आरएस पुरा सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पाकिस्तानी क्षेत्र में चल रही हलचल पर नजर रखी जा रही है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों द्वारा इसे रूटीन बताया जा रहा है, लेकिन सीमावर्ती ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षाबल दिन-रात तारबंदी के साथ गश्त करते हैं, पर वीरवार शाम से इसमें कुछ बढ़ोतरी हुई है।
पुलिस के साथ नियुक्त ग्रामीण सुरक्षा समितियों के लोग भी संवेदनशील क्षेत्र में रात को गश्त कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों को रात 10 बजे के बाद घरों में रहने के लिए कहा गया है।
सीमांत गांव अब्दुल्लिया के चरण दास का कहना है कि इन दिनों गेहूं की फसल खेतों में तैयार होने पर पहले पाकिस्तान की ओर से अकारण गोलीबारी की जाती थी। लेकिन, दोनों देशों के मध्य संघर्ष-विराम होने पर गोलीबारी नहीं हुई। उन्हें चिंता रहती है कि न जाने पाकिस्तान की ओर से कब कोई हरकत कर दी जाए।