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Jammu News: प्रदेश में 1300 सड़कों पर ब्रेक, यातायात बाधित
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से 1300 से ज्यादा सड़कें प्रभावित हैं। इनमें बीते 24 घंटे के दौरान करीब 300 जगह भारी बारिश का असर हुआ है। भूस्खलन की वजह से ग्रामीण इलाकों में यातायात बंद है और लोग घरों में फंस गए हैं। कुछ इलाके बीते 26 अगस्त के बाद से पूरी तरह बहाल नहीं हो पाए हैं।
इन इलाकों में रोजमर्रा की जरूरत पूरी करने के लिए लोगों को कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है। भूस्खलन के बाद अलग-थगल हो चुके इलाकों में बड़ी तादाद में लोगों के वाहन भी फंसे हैं। पीडब्ल्यूडी ने सोमवार तक मानसून प्रभावित करीब डेढ़ हजार सड़कों को दोबारा यातायात से जोड़ दिया था। लेकिन बीते 48 घंटे में हुई भारी बारिश से सड़कें फिर से बाधित हो गई हैं। पीडब्ल्यूडी मानसून से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रहा है और इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
विभाग ने मानसून प्रभावित सभी जिलों से रिपोर्ट दो दिन में तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस रिपोर्ट को मुख्यालय में जमा किया जा रहा है।
प्रदेश में बारिश का क्रम जारी रहने से नुकसान के आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। मौसम का असर सड़कों पर पड़ रहा है। जिन सड़कों को दुरुस्त किया गया था। वहां, बारिश से दोबारा भूस्खलन हुआ है। 26 अगस्त को भारी बारिश और अलग-अलग जगह बादल फटने की घटनाओं के बाद 2500 सड़कें ठप हुई थीं।
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मौसम में हल्का सुधार होने के साथ ही विभाग ने भारी मशीनों की मदद से पांच दिन में एक हजार से ज्यादा सड़कों पर दोबारा यातायात बहाल कर दिया था। लेकिन सोमवार रात से शुरू हुई लगातार बारिश का एक बार फिर सड़कों पर असर देखने को मिला है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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जम्मू। प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से 1300 से ज्यादा सड़कें प्रभावित हैं। इनमें बीते 24 घंटे के दौरान करीब 300 जगह भारी बारिश का असर हुआ है। भूस्खलन की वजह से ग्रामीण इलाकों में यातायात बंद है और लोग घरों में फंस गए हैं। कुछ इलाके बीते 26 अगस्त के बाद से पूरी तरह बहाल नहीं हो पाए हैं।
इन इलाकों में रोजमर्रा की जरूरत पूरी करने के लिए लोगों को कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है। भूस्खलन के बाद अलग-थगल हो चुके इलाकों में बड़ी तादाद में लोगों के वाहन भी फंसे हैं। पीडब्ल्यूडी ने सोमवार तक मानसून प्रभावित करीब डेढ़ हजार सड़कों को दोबारा यातायात से जोड़ दिया था। लेकिन बीते 48 घंटे में हुई भारी बारिश से सड़कें फिर से बाधित हो गई हैं। पीडब्ल्यूडी मानसून से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रहा है और इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
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विभाग ने मानसून प्रभावित सभी जिलों से रिपोर्ट दो दिन में तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस रिपोर्ट को मुख्यालय में जमा किया जा रहा है।
प्रदेश में बारिश का क्रम जारी रहने से नुकसान के आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। मौसम का असर सड़कों पर पड़ रहा है। जिन सड़कों को दुरुस्त किया गया था। वहां, बारिश से दोबारा भूस्खलन हुआ है। 26 अगस्त को भारी बारिश और अलग-अलग जगह बादल फटने की घटनाओं के बाद 2500 सड़कें ठप हुई थीं।
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मौसम में हल्का सुधार होने के साथ ही विभाग ने भारी मशीनों की मदद से पांच दिन में एक हजार से ज्यादा सड़कों पर दोबारा यातायात बहाल कर दिया था। लेकिन सोमवार रात से शुरू हुई लगातार बारिश का एक बार फिर सड़कों पर असर देखने को मिला है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।