लापरवाही: अटकी है इतनी महत्वपूर्ण योजना
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रियासत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दूसरा चरण का प्रोजेक्ट लगातार लटक रहा है। राज्य में एक जनवरी, 2012 में इस हेल्थ इंश्योरेंस योजना को शुरू किया गया था।
पहले चरण में जम्मू और श्रीनगर जिले में योजना को अमल में लाया गया। जिसके तहत जम्मू में 30,529 और श्रीनगर में करीब पांच हजार बीपीएल लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया गया।
लेकिन अगस्त, 2013 को योजना की अवधि खत्म हो जाने के बाद पिछले एक साल से नया कोई इंश्योरेंस नहीं किया जा सका है। परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डा. बलदेव राज शर्मा के अनुसार केंद्र सरकार को टेंडर प्रक्रिया के लिए लिखा गया है।
एक साल से नहीं मिल पाया बीमा का लाभ
दूसरे चरण में बीमा योजना के जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत दूसरे चरण में जम्मू और कश्मीर संभाग से छह-छह जिलों को कवर किया जाना है।
केंद्र और राज्य सरकार की प्रायोजित इस बीमा योजना में जम्मू संभाग में जम्मू, उधमपुर, रियासी, सांबा, कठुआ, राजोरी जिले और
कश्मीर से जिला श्रीनगर, कुलगाम, बडगाम, अनंतनाग, पुलवामा और गांदरबल शामिल हैं।
इसमें जम्मू संभाग में अभी कठुआ और उधमपुर से पूरी सूची नहीं मिल पाई है। इसके अलावा कश्मीर के भी कई जिलों की बीपीएल सूची तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थी को स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है।
348 रुपये में मिलता है 30 हजार का लाभ
इसमें लाभार्थी का 30 रुपये में पंजीकरण किया जाता है। उसे तीस हजार रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ दिया जा रहा है। कुल प्रीमियम में 348 रुपये में लाभार्थी के 30 रुपये के अलावा अन्य राशि में 10 प्रतिशत राज्य और बाकी केंद्र भुगतान करता है।
स्मार्ट कार्ड में एक बीपीएल परिवार में पति, पत्नी उनके दो बच्चे और परिवार का अन्य एक सदस्य मिलाकर पांच लोगों को संबंधित अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा सुविधाओं का लाभ दिया जाता है।