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Jammu News: आईबी पर सुरंग रोधी दस्ता सक्रिय, चिनाब में नाव से गश्त
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- लगातार बारिश से जमीनों में नमी के चलते टनल खोदने की आशंका अधिक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्वतंत्रा दिवस के मद्देनजर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर चौकसी बढ़ा दी है। चिनाब दरिया में बीएसएफ के जवानों ने नाव के जरिये गश्त शुरू की है। साथ ही सुरंग रोधी दस्ते को सक्रिय कर दिया गया है। दरअसल, बरसात के दौरान जमीनों में अच्छी खासी नमी रहती है, जिससे टनल खोदना आसान हो जाता है। ऐसा कई बार पहले भी हो चुका है।
जानकारी के अनुसार, जम्मू, सांबा और कठुआ बार्डर के रामगढ़, हीरानगर, पलांवाला, अरनिया, सुचेतगढ़ बाॅर्डर पर बीएसएफ के जवानों के एंटी टनल स्क्वायर्ड ने विशेष गश्त शुरू की है। कहीं पर भी छोटे मोटे छेड़ को भी गंभीरता से जांच कराने के लिए कहा गया है। क्योंकि पूर्व में देखा गया कि घुसपैठ के लिए खोदी गई सुरंगों का अंतिम शोर एक से डेढ़ फुट से अधिक नहीं रहा। इसे भी इस तरह से बनाया गया होता है कि पता ही नहीं चलता कि टनल है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों कठुआ में हुए आतंकी हमलों को लेकर भी ये जानकारी सामने आई थी कि आतंकियों ने हीरानगर और सांबा सेक्टर से घुसपैठ की। इसमें ये भी बताया गया कि आतंकियों के टनल के जरिए घुसपैठ का शक है। इसी को देखते हुए बीएसएफ को सतर्कता बढ़ाने के लिए कहा गया। इस पर अमल करते हुए विशेष एंटी टनल स्क्वायर्ड को सक्रिय किया गया है। वहीं चिनाब दरिया सीधे पाकिस्तान में बहकर जाता है। इससे भी आतंकियों के घुसपैठ करने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए बीएसएफ की तरफ से विशेष गश्त शुरू की गई है। जवान दरिया में नाव के जरिए गश्त कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्वतंत्रा दिवस के मद्देनजर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर चौकसी बढ़ा दी है। चिनाब दरिया में बीएसएफ के जवानों ने नाव के जरिये गश्त शुरू की है। साथ ही सुरंग रोधी दस्ते को सक्रिय कर दिया गया है। दरअसल, बरसात के दौरान जमीनों में अच्छी खासी नमी रहती है, जिससे टनल खोदना आसान हो जाता है। ऐसा कई बार पहले भी हो चुका है।
जानकारी के अनुसार, जम्मू, सांबा और कठुआ बार्डर के रामगढ़, हीरानगर, पलांवाला, अरनिया, सुचेतगढ़ बाॅर्डर पर बीएसएफ के जवानों के एंटी टनल स्क्वायर्ड ने विशेष गश्त शुरू की है। कहीं पर भी छोटे मोटे छेड़ को भी गंभीरता से जांच कराने के लिए कहा गया है। क्योंकि पूर्व में देखा गया कि घुसपैठ के लिए खोदी गई सुरंगों का अंतिम शोर एक से डेढ़ फुट से अधिक नहीं रहा। इसे भी इस तरह से बनाया गया होता है कि पता ही नहीं चलता कि टनल है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों कठुआ में हुए आतंकी हमलों को लेकर भी ये जानकारी सामने आई थी कि आतंकियों ने हीरानगर और सांबा सेक्टर से घुसपैठ की। इसमें ये भी बताया गया कि आतंकियों के टनल के जरिए घुसपैठ का शक है। इसी को देखते हुए बीएसएफ को सतर्कता बढ़ाने के लिए कहा गया। इस पर अमल करते हुए विशेष एंटी टनल स्क्वायर्ड को सक्रिय किया गया है। वहीं चिनाब दरिया सीधे पाकिस्तान में बहकर जाता है। इससे भी आतंकियों के घुसपैठ करने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए बीएसएफ की तरफ से विशेष गश्त शुरू की गई है। जवान दरिया में नाव के जरिए गश्त कर रही है।
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