तवी उफान पर, जम्मू के निचले इलाकों में दहशत
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मूसलाधार बारिश से वीरवार को सूर्य पुत्री तवी उफान पर रही, जिस कारण पुलिस प्रशासन और फ्लड एंड कंट्रोल विभाग भी हरकत में आ गया। ताजा घटना में नौशेरा में बारातियों से भरी बस नाले में बह जाने की घटना को गंभीरता के साथ लेते हुए कुल्ले खाली करवा दिए गए। कुछ हुड़दंगियों की बात करें तो पुलिस प्रशासन ने सारी स्थिति को ध्यान में रखने के लिए सभी पुलों पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया था। वहीं कुछ लोग तवी की लहरों के साथ अपनी फोटो खिंचवाने के लिए जोखिम लेने से भी नहीं डर रहे थे।
ऐसे लोगों को हटाने के लिए भी पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। गुज्जर नगर, बिक्रम चौक, भगवती नगर स्थित चौथे पुल के अलावा सतवारी तक तवी नदी के किनारे कुछ लोगों ने अपने कुल्ले बना रखे हैं, बारिश के पानी का स्तर देर रात से ही तवी नदी में बढ़ने लगा था। स्थिति को देखते हुए सुबह होते ही पुलिस ने शहर तवी नदी में पानी उफान में आता देखकर कुल्लों को खाली करवा दिया। हालांकि कुल्ले वालों ने अपना सामान पूरी तरह से नहीं हटाया लेकिन वे अपनी सुरक्षा के लिए सुरक्षित स्थान पर आ गए।
बच्चों को पानी के नजदीक नहीं जाने दिया जा रहा था। मवेशियों को भी तवी किनारे से खोलकर सुरक्षित स्थानों में बांधा गया। बेली चराना में कुछ घर भी तवी नदी के नजदीक हैं। पानी के तेज बहाव से किसी प्रकार की कोई घटना न हो जाए, इसको ध्यान में रखते हुए जगह-जगह लोगों को संदेश देकर अलर्ट कर दिया गया था। तवी में पानी की कई फीट ऊपर उठती लहरों को देखते हुए लोग इन दृश्यों को कैमरे में कैद करने में जुटे रहे थे।
चिनाब ने भी दिखाया रौद्र रूप
मूसलाधार बारिश जारी रहने से चिनाब खतरे के निशान से ऊपर रही। पूंछ में बहने वाली सूरन नदी के बहाव का आकलन लगा पाना कठिन रहा। सुबह तक सामान्य बह रही तवी में दोपहर बाद खतरे के निशान से साढ़े तीन फुट नीचे साढ़े तेरह फुट प्रति गेज पर बहाव रहा। तवी में पानी का बहाव 90 हजार क्यूसिक जल छोड़ा गया। ऐसे ही हालात चिनाब में भी रहे। चिनाब में 3 लाख 45 हजार क्यूसिक जल छोड़ा गया।
संभाग के उज्ज का जलस्तर सामान्य रहा, जबकि पूंछ जिले में बाढ़ जैसी स्थिति के चलते सूरन नदी के जलस्तर का अनुमान लगाना कठिन रहा। बारिश के चलते कृषि विभाग भी अभी तक फसलों के नुकसान का आकलन नहीं कर पाया है। जम्मू के प्रमुख कृषि अधिकारी ओमकार सिंह चौधरी के अनुसार बारिश थमने पर ही फसलों के नुकसान को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी।
घरों में घुस गया बारिश का पानी
आसमान से वीरवार को झमाझम बरस रहे पानी ने लोगों को गर्मी से तो राहत प्रदान कर दी लेकिन जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। नदी और नालों में उफान आ गया। कई जगह गंदे पानी के नाले बंद होने से घरों में पानी घुस गया। पानी निकलने के लिए परिवार के सभी सदस्य व्यस्त रहे। कृष्णा नगर सहित कुछ इलाकों में हालात बहुत ही चिंताजनक बने हुए थे।
गुस्साए लोग बदतर व्यवस्था के चलते सरकार और नगर निगम को लगातार कोसते रहे। बारिश के कारण लोगों के कई काम प्रभावित हो गए। दिहाड़ीदार लोग काम धंधा नहीं कर रहे। शहर के तकरीबन 150 छोटे और बड़े नाले पानी से उछलते नजर आए। वहीं मोहल्लों की गलियों और नालियों की गंदगी ने लोगों को काफी परेशान किया।
लोगों के घरों से गंदा पानी चला गया, जिसे निकालने में परिवार के सदस्यों का अधिकतर वक्त गुजरा। शहर के कई हिस्सों में गंदगी के ढेर लोगों के लिए परेशानी बने। हालांकि ज्यूल चौक और कनाल रोड में सफाई कर्मचारियों ने बारिश में भी सफाई का काम जारी रखा लेकिन आसमान से लगातार बरस रहे पानी के आगे कु छ हद तक सफाई व्यवस्था चरमराई रही।