J&K: एलओसी से दूसरे दिन भी नहीं उठाए जा सके मारे गए आतंकियों के शव
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पुंछ में नियंत्रण रेखा के रास्ते घुसपैठ करने की कोशिश में मारे गए आतंकियों के शव बुधवार को पुंछ के बगयाल दरा में दूसरे दिन भी नहीं उठाए जा सके, क्योंकि जब भारत की तरफ शव उठाने की कोशिश होती है तो पाक गोलाबारी करता है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान सबूत मिटाने के लिए शव उठाने की फिराक में है, लेकिन भारतीय जवान गोलाबारी कर उनको मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं और शव के पास नहीं आने दे रहे। इस तरह घंटों गोलाबारी के बावजूद शव उठाया नहीं जा सके।
गौरतलब है कि मंगलवार को भारतीय सेना ने सीमावर्ती क्षेत्र बगयाल दरा में नियंत्रण रेखा के उस पार से घुसपैठ करने का प्रयास कर रहे दो आतंकियों को मार गिराया था।
पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही है गोलीबारी
मारे गए आतंकियों का शव नियंत्रण रेखा के पास नो मेंस लैंड में पड़े होने के कारण भारतीय सेना उन शवों को उठाने के लिए मंगलवार दोपहर से बुधवार देर शाम तक लगातार प्रयास करती रही।
लेकिन इस दौरान पाक सेना की ओर से गोलाबारी किए जाने के कारण भारतीय सेना आतंकियों के शवों को उठा पाने में सफल नहीं हो पाई, जबकि पाक भी उन आतंकियों के शवों को उठाने के प्रयास करती रही, लेकिन भारतीय सेना ने भी उन्हें सफल नहीं होने दिया।
ग्रामीणों में गोलाबारी से खौफ
बगयाल दरा निवासी मंजूर हुसैन एवं सुनील का कहना है कि मंगलवार सुबह साढे़ छह बजे से लेकर बुधवार देर शाम तक भारतीय सेना की बहादुर पोस्ट के आगे मारे गए आतंकियों के शवों को उठाने के लिए भारत एवं पाक सेना की तरफ से लगातार यूनिवर्सल मशीनगन और मोर्टार से गोलाबारी की जा रही है। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
लोगों का कहना है कि जहां मंगलवार को बगयाल दरा में दिन भर रुक -रुक कर दोनों तरफ से गोलाबारी की जा रही थी, वहीं बुधवार को गोलाबारी में तेजी लाई गई है।
उधर बुधवार को दूसरे दिन भी सेना की तरफ से बगयाल दरा में चल रही गोलाबारी और आतंकियों के मारे जाने के बारे में कुछ नहीं कहा गया, जबकि खुफिया एजेंसियों ने दो आतंकियों के शव घटना स्थल पर पड़े होने की पुष्टी की है।