फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   blood crisis in city hospitals

खून' के लिए एक दूसरे का मुंह ताकते हैं अस्पताल

Sun, 21 Sep 2014 01:28 AM IST
Updated Sun, 21 Sep 2014 01:28 AM IST
विज्ञापन
blood crisis in city hospitals

रियासत में लोगों को आधुनिक चिकित्सा मुहैया करवाने के लिए नए अस्पतालों की इमारतों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए खून की उपलब्धता बढ़ाने को ब्लड बैंकों पर कुछ खास नहीं हो पाया है।

विज्ञापन


शहर के ही कई अस्पताल खून के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भर हैं। इन अस्पतालों में ब्लड स्टोरेज से ही काम चलाया जा रहा है। जिसमें कुछ यूनिट खून ही रिजर्व रहता है।
विज्ञापन


एम्स की तर्ज पर रेशमघर स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नेफरोलाजी, यूरोलाजी, कार्डियोलाजी, सीटीवीएस सहित कई महत्वपूर्ण यूनिट काम कर रहे हैं। यहां विभिन्न यूनिटों में रोजाना कई सर्जरी भी हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुपर स्पेशलिटी में भी सिर्फ ब्लड स्टोरेज की सुविधा

blood crisis in city hospitals

डायलेसिस में भी मरीजों को खून की जरूरत पड़ती है, लेकिन अभी तक अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने के लिए कुछ खास नहीं हो पाया है। अस्पताल में ब्लड स्टोरेज सेंटर में कुछ यूनिट खून ही रिजर्व रहता है।

जिसमें अधिकांश मामलों में तीमारदारों को जीएमसी या एसएमजीएस अस्पताल से खून लाना पड़ता है। यही हाल शहर के दूसरे बड़े अस्पताल सरवाल का भी है। यहां भी ब्लड बैंक न होने के कारण अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को खून के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

इस प्रक्रिया में तीमारदारों को दूसरी जगह से खून लाने में काफी दिक्कतें होती हैं। कई बार जागरूकता के अभाव में देरी होने के कारण तीमारदारों के पास लिया गया खून बेकार हो जाता है।

यह परेशानी एक जगह से दूसरी जगह पर जाने और आने में होती है। इन अस्पतालों में ब्लड बैंक के लिए कई बार घोषणाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके लिए अभी तक कोई खास प्रयास नहीं किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed